अहोई अष्टमी 2026: माँ का पुत्र के लिए व्रत
अहोई अष्टमी 2026 में 16 अक्टूबर को है। यह कार्तिक कृष्ण अष्टमी है। माताएं अपने पुत्रों की लंबी उम्र के लिए यह व्रत करती हैं। करवा चौथ के 4 दिन बाद और दिवाली के 8 दिन पहले अहोई अष्टमी होती है।
अहोई अष्टमी 2026 की तिथि
2026 अहोई अष्टमी: 16 अक्टूबर 2026 (कार्तिक कृष्ण अष्टमी)। दिवाली: 20 अक्टूबर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अहोई अष्टमी 2026 कब है?
अहोई अष्टमी 2026: 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)।
अहोई अष्टमी व्रत विधि?
व्रत विधि: सुबह: स्नान। दिन भर: निर्जला या फलाहार। शाम: तारे निकलने पर। अहोई माँ: पूजा। कथा: सुनें।
अहोई अष्टमी पूजा सामग्री?
पूजा सामग्री: अहोई माँ का चित्र। स्याही: कलंगी। दीपक। जल। मिठाई। सात अनाज।
अहोई माँ कौन हैं?
अहोई माँ: माँ पार्वती का रूप। पुत्र रक्षक। शेर: वाहन। कोड़े की तरह: चित्र में।
2026 अहोई अष्टमी का महत्व?
2026 अहोई: 16 अक्टूबर। दिवाली: 4 दिन बाद। करवा चौथ: 8 अक्टूबर। 2026: शुभ।
अहोई अष्टमी और करवा चौथ?
तुलना: करवा चौथ: पति के लिए। अहोई अष्टमी: पुत्र के लिए। दोनों: कार्तिक में। दोनों: उपवास।
अहोई अष्टमी कथा?
कथा: जंगल में महिला। खोदते समय: शावक मर गया। अहोई माँ: क्रोध। व्रत: क्षमा के लिए। पुत्र: जीवित।
तारा दर्शन क्यों?
तारा दर्शन: शाम को: तारे निकलने पर। व्रत: तारों को जल। पुत्र: दीर्घायु। तारे: साक्षी।
अहोई अष्टमी पर क्या खाएं?
व्रत भोजन: फलाहार। दूध। फल। मिठाई। शाम तारों के बाद: पारण। ब्राह्मण: भोजन।