अक्षय तृतीया 2026: अक्षय पुण्य का दिन

अक्षय तृतीया 2026 में 22 अप्रैल को है। यह वैशाख शुक्ल तृतीया है। "अक्षय" का अर्थ है जो कभी नष्ट न हो। इस दिन किया गया दान, पुण्य और कार्य अक्षय (अविनाशी) होता है। यह स्वयंसिद्ध मुहूर्त है, जिसमें पंचांग देखने की जरूरत नहीं।

अक्षय तृतीया 2026 की तिथि

2026 अक्षय तृतीया: 22 अप्रैल 2026 (वैशाख शुक्ल तृतीया)। स्वयं सिद्ध मुहूर्त। सोना खरीदी। विवाह।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्षय तृतीया 2026 कब है?

अक्षय तृतीया 2026: 22 अप्रैल 2026 (बुधवार)। वैशाख शुक्ल तृतीया।

अक्षय तृतीया पर सोना क्यों खरीदते हैं?

सोना खरीदी: अक्षय: अविनाशी। सोना: अक्षय संपदा। लक्ष्मी: स्थायी वास। मान्यता: सोना खरीदने से धन में वृद्धि। 2026: 22 अप्रैल।

अक्षय तृतीया पर विवाह?

विवाह मुहूर्त: स्वयं सिद्ध: पंचांग नहीं देखना। 22 अप्रैल 2026: विवाह का शुभ दिन। हजारों विवाह: इस दिन।

अक्षय तृतीया पर क्या करें?

अक्षय तृतीया उपाय: दान: अन्न, जल, वस्त्र। सोना: खरीदें। पितृ: तर्पण। विष्णु पूजा। तुलसी पूजा। गाय दान।

2026 अक्षय तृतीया का महत्व?

2026 अक्षय तृतीया: बृहस्पति: वृषभ में (22 अप्रैल)। सोमवती अमावस्या: 27 अप्रैल। 2026: अप्रैल में शुभ ग्रह योग।

अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती?

परशुराम जयंती: अक्षय तृतीया पर परशुराम जयंती। परशुराम: विष्णु के छठे अवतार। 2026: 22 अप्रैल।

अक्षय तृतीया पर जप?

अक्षय तृतीया जप: विष्णु सहस्रनाम: पाठ। "ओम नमो भगवते वासुदेवाय"। लक्ष्मी मंत्र: "ओम श्रीं महालक्ष्म्यै नमः"। माला: 108 बार।

अक्षय तृतीया पर क्या दान करें?

दान: जल: जल दान सर्वश्रेष्ठ। अन्न: भोजन। छाता: गर्मी में। जूते: पैदल चलने वालों को। ठंडे पेय: जूस, लस्सी।

अक्षय तृतीया का पौराणिक महत्व?

पुराण: महाभारत: युधिष्ठिर को अक्षय पात्र। कृष्ण: द्रौपदी को भोजन। त्रेता युग: आरंभ। परशुराम जन्म। सतयुग: इसी दिन संधि।