अपनी कुंडली कैसे पढ़ें: शुरुआती गाइड

जन्म कुंडली को पढ़ना एक कला है। 12 भाव, 9 ग्रह और 12 राशियों का संयोजन हजारों संभावनाएं बनाता है। इस गाइड में जानें कुंडली की मूल संरचना और इसे कैसे पढ़ें।

कुंडली की बनावट

कुंडली: 12 भाव (घर)। प्रत्येक भाव: एक राशि। 9 ग्रह: किसी न किसी भाव में। लग्न: पहला भाव। दक्षिण भारतीय: वर्गाकार। उत्तर भारतीय: हीरे के आकार।

12 भावों का महत्व

1 भाव: व्यक्तित्व। 2: धन। 3: भाई-बहन। 4: माँ-घर। 5: संतान-शिक्षा। 6: रोग-शत्रु। 7: विवाह। 8: आयु। 9: भाग्य। 10: करियर। 11: आय। 12: व्यय-मोक्ष।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुंडली क्या होती है?

जन्म कुंडली जन्म के समय ग्रहों की स्थिति का नक्शा है। 12 भाव, 9 ग्रह, 12 राशि। इससे जीवन के हर क्षेत्र का विश्लेषण।

कुंडली में 12 भाव क्या दर्शाते हैं?

12 भाव: 1 (स्व), 2 (धन), 3 (साहस), 4 (सुख), 5 (संतान), 6 (रोग), 7 (विवाह), 8 (रहस्य), 9 (भाग्य), 10 (कर्म), 11 (लाभ), 12 (व्यय)।

लग्न राशि क्या होती है?

लग्न: जन्म के समय पूर्व क्षितिज पर उदय राशि। पहला भाव। व्यक्तित्व, स्वास्थ्य। सूर्य राशि से अलग। जन्म समय और स्थान से तय।

ग्रह कुंडली में क्या दर्शाते हैं?

ग्रह: सूर्य (आत्मा), चंद्र (मन), मंगल (साहस), बुध (बुद्धि), बृहस्पति (ज्ञान), शुक्र (प्रेम), शनि (कर्म), राहु (भ्रम), केतु (मोक्ष)।

क्या मैं खुद अपनी कुंडली पढ़ सकता हूं?

हां, मूल बातें सीख सकते हैं। लेकिन सटीक विश्लेषण: ग्रह, दशा, गोचर का संयोजन जरूरी। अनुभवी ज्योतिषी: गहराई से पढ़ते हैं।

महादशा कुंडली में कैसे काम करती है?

महादशा: 9 ग्रहों की बारी। जन्म नक्षत्र से: पहली दशा। कुल 120 साल। घटनाओं का समय: महादशा-अंतर्दशा से।

बृहस्पति और शुक्र कुंडली में क्या देखते हैं?

बृहस्पति: भाग्य, ज्ञान, विवाह (पुरुष के लिए)। शुक्र: प्रेम, विवाह (महिला के लिए), सौंदर्य। दोनों: शुभ ग्रह।

मारकेश क्या होता है?

मारकेश: मृत्यु का संकेत देने वाला ग्रह। 2 और 7वें भाव के स्वामी। आयु विचार में। जटिल विषय: ज्योतिषी से।

Vyom Vaani से कुंडली कैसे पढ़वाएं?

Vyom Vaani: WhatsApp पर। जन्म: तारीख, समय, स्थान दें। अनुभवी ज्योतिषी: विस्तृत। हिंदी में।