गोवर्धन पूजा 2026: कृष्ण और इंद्र का प्रसंग
गोवर्धन पूजा 2026 में 21 अक्टूबर को है। यह दिवाली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा है। श्रीकृष्ण ने इंद्र के कोप से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था। इस दिन गोवर्धन (गाय के गोबर) की पूजा और परिक्रमा होती है।
गोवर्धन पूजा 2026 की तिथि
2026 गोवर्धन पूजा: 21 अक्टूबर 2026 (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा)। दिवाली: 20 अक्टूबर। अन्नकूट: इसी दिन।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गोवर्धन पूजा 2026 कब है?
गोवर्धन पूजा 2026: 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार)। दिवाली के बाद।
गोवर्धन पूजा विधि?
पूजा विधि: गाय का गोबर: गोवर्धन बनाएं। फूल: सजाएं। परिक्रमा: 7 बार। अन्नकूट: 56 भोग। गाय: पूजा।
गोवर्धन और कृष्ण की कथा?
कथा: इंद्र: पूजा बंद करने पर क्रोधित। कृष्ण: गोवर्धन पर्वत उठाया। 7 दिन: सबकी रक्षा। इंद्र: शरण में आए। ब्रज: महोत्सव।
अन्नकूट क्या है?
अन्नकूट: 56 भोग (छप्पन भोग)। मंदिर में: सभी व्यंजन। ब्रज: माखन, मिश्री, खीर। 2026: 21 अक्टूबर।
2026 गोवर्धन पूजा का महत्व?
2026 गोवर्धन: 21 अक्टूबर। दिवाली के बाद। बृहस्पति कर्क (उच्च)। 2026: शुभ।
गोवर्धन परिक्रमा 2026?
गोवर्धन परिक्रमा: मथुरा के पास। 21 किमी: परिक्रमा। 21 अक्टूबर: लाखों भक्त। 2026: भव्य।
गोवर्धन पूजा पर क्या करें?
उपाय: गाय की पूजा। गोबर: गोवर्धन। परिक्रमा। अन्नकूट: भोग। गौशाला: दान।
भाई दूज कब है 2026?
भाई दूज 2026: 22 अक्टूबर 2026 (कार्तिक शुक्ल द्वितीया)। गोवर्धन: 21 अक्टूबर। एक दिन बाद।
गोवर्धन और गाय का महत्व?
गाय और गोवर्धन: गाय: माँ लक्ष्मी का रूप। गोधन: गौ धन। गोवर्धन: गौ का पर्वत। कृष्ण: गोपाल, गायों के रक्षक।