गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु चरणों में समर्पण

गुरु पूर्णिमा 2026 में 11 जुलाई को है। यह आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा है। इस दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। गुरु पूर्णिमा पर गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।

गुरु पूर्णिमा 2026 की तिथि

2026 गुरु पूर्णिमा: 11 जुलाई 2026 (आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा)। देव शयनी एकादशी: 17 जुलाई के ठीक पहले। चातुर्मास: 17 जुलाई से शुरू।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?

गुरु पूर्णिमा 2026: 11 जुलाई 2026 (शनिवार)। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा। व्यास पूर्णिमा। देव शयनी से 6 दिन पहले।

गुरु पूर्णिमा पर क्या करें?

गुरु पूर्णिमा उपाय: गुरु चरण: गुरु के चरण छुएं। दान: गुरु को भेंट। आश्रम: गुरु के आश्रम में। व्यास पूजा: महर्षि व्यास की पूजा। मंत्र: गुरु मंत्र का जाप।

व्यास पूर्णिमा क्यों कहते हैं?

व्यास पूर्णिमा: महर्षि वेद व्यास: आषाढ़ पूर्णिमा को जन्म। वेद व्यास: वेदों के विभाजक। महाभारत और पुराण: व्यास ने लिखे। गुरु: व्यास सर्वश्रेष्ठ गुरु।

2026 में गुरु पूर्णिमा का ज्योतिषीय महत्व?

2026 गुरु पूर्णिमा: बृहस्पति (गुरु ग्रह): 11 जुलाई, वृषभ में। मई में: बृहस्पति कर्क में जाएगा। बृहस्पति उच्च कर्क में। गुरु ग्रह + गुरु पूर्णिमा: विशेष।

गुरु पूर्णिमा पर किसकी पूजा करें?

गुरु पूर्णिमा पूजा: अपने गुरु की। व्यास जी की। शनकादि ऋषियों की। दत्तात्रेय: योग गुरु। हनुमान: राम के गुरु। अपने माता-पिता की भी।

गुरु पूर्णिमा व्रत कैसे करें?

गुरु पूर्णिमा व्रत: उपवास: फलाहार। गुरु पूजा: सुबह। व्यास पूजा: गंथ पूजन। दान: विद्या, वस्त्र, अन्न। शाम: आरती, पूर्णिमा का चंद्र दर्शन।

गुरु पूर्णिमा पर क्या दान करें?

गुरु पूर्णिमा दान: पुस्तकें: ज्ञान का दान। वस्त्र: गुरु को। अन्न: भोजन। धन: दक्षिणा। गाय: यदि संभव। छात्रवृत्ति: किसी छात्र को।

गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास?

गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास: 2026: गुरु पूर्णिमा 11 जुलाई। चातुर्मास: 17 जुलाई से। 6 दिन बाद। चातुर्मास: 4 माह की साधना। साधु: इस दिन से एक स्थान पर रहते।

गुरु का महत्व क्या है?

गुरु का महत्व: गुरु: अंधेरे से प्रकाश। "गु" = अंधकार, "रु" = प्रकाश। बिना गुरु: ज्ञान अधूरा। गुरु गीता: गुरु की महिमा। गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वर।