पुष्य नक्षत्र 2026: शुभ खरीदारी और मुहूर्त

पुष्य नक्षत्र 27 नक्षत्रों में सबसे शुभ और पोषण करने वाला नक्षत्र माना जाता है। 8वां नक्षत्र, शनि स्वामी, देवता बृहस्पति। बृहस्पतिवार (गुरुवार) को पुष्य नक्षत्र हो तो "गुरु पुष्य योग" बनता है जो सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है। 2026 में बृहस्पति कर्क में उच्च है जो पुष्य नक्षत्र को और शक्तिशाली बनाता है।

पुष्य नक्षत्र 2026 की प्रमुख तिथियां

2026 में पुष्य नक्षत्र (अनुमानित, पंचांग से सत्यापित करें): जनवरी: 22-23 जनवरी। फरवरी: 18-19 फरवरी। मार्च: 18-19 मार्च। अप्रैल: 14-15 अप्रैल। मई: 12-13 मई। जून: 8-9 जून। जुलाई: 5-6 जुलाई, 2-3 अगस्त। सितंबर: 26-27 सितंबर। अक्टूबर: 23-24 अक्टूबर। नवंबर: 20-21 नवंबर। दिसंबर: 17-18 दिसंबर।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुष्य नक्षत्र क्या है और क्यों शुभ है?

पुष्य नक्षत्र: 8वां नक्षत्र। कर्क राशि (3°20' से 16°40')। स्वामी: शनि। देवता: बृहस्पति (ज्ञान और समृद्धि के देव)। "पुष्य" का अर्थ: पोषण करने वाला, बढ़ाने वाला। शुभता: बृहस्पति (देवताओं के गुरु) इस नक्षत्र के देवता हैं, इसलिए यह सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

2026 में गुरु पुष्य योग कब है?

गुरु पुष्य योग 2026: गुरुवार + पुष्य नक्षत्र = गुरु पुष्य योग (सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त)। 2026 में गुरु पुष्य योग की संभावित तिथियां: पंचांग से गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का मेल जांचें। लगभग: 5 फरवरी, 5 मार्च, 9 अप्रैल 2026 (पंचांग से सत्यापित करें)। 2026 में बृहस्पति उच्च: गुरु पुष्य योग की शक्ति और बढ़ेगी।

पुष्य नक्षत्र पर क्या खरीदें?

पुष्य नक्षत्र पर खरीदारी: सोना और आभूषण: पुष्य पर खरीदा सोना बढ़ता है। वाहन: कार, बाइक की खरीद के लिए सर्वोत्तम। भूमि और संपत्ति: पुष्य पर संपत्ति खरीदने से समृद्धि। नई दुकान/व्यापार: पुष्य पर शुरुआत शुभ। इलेक्ट्रॉनिक्स: पुष्य पर खरीदे गए उपकरण लंबे समय तक चलते हैं।

शनि पुष्य योग क्या है?

शनि पुष्य योग: शनिवार + पुष्य नक्षत्र = शनि पुष्य योग। यह भी अत्यंत शुभ है। शनि पुष्य पर: तेल, लोहा, नीला नीलम, तिल। कार्य: व्यापार की शुरुआत, मशीनरी खरीद। 2026 में शनि कुंभ में: शनि पुष्य योग पर शनि की शक्ति बढ़ेगी।

पुष्य नक्षत्र में जन्मे लोगों का स्वभाव?

पुष्य नक्षत्र जातक: सकारात्मक: पोषण करने वाले, भावनाशील, दयालु, परिवार प्रेमी, आध्यात्मिक। शनि और बृहस्पति का मिश्रण: अनुशासित लेकिन उदार। करियर: शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, ज्योतिष। कमजोरी: अत्यधिक भावुकता, दूसरों पर निर्भरता।

2026 में पुष्य नक्षत्र पर वाहन खरीद का मुहूर्त?

2026 वाहन खरीद पुष्य मुहूर्त: पुष्य नक्षत्र सबसे शुभ वाहन खरीद मुहूर्त है। 2026 में: बृहस्पति उच्च (कर्क में), जो पुष्य नक्षत्र की शक्ति बढ़ाता है। शुभ: गुरुवार + पुष्य = गुरु पुष्य योग पर वाहन खरीदें। ध्यान दें: रोहिणी, मृगशिरा, हस्त, और श्रवण नक्षत्र भी वाहन खरीद के लिए शुभ हैं।

पुष्य नक्षत्र और बृहस्पति का क्या संबंध है?

पुष्य नक्षत्र और बृहस्पति: देवता: बृहस्पति (देवगुरु) पुष्य नक्षत्र के देवता हैं। 2026: बृहस्पति कर्क में उच्च हैं, और पुष्य नक्षत्र भी कर्क में है। यह संयोग: 2026 में पुष्य नक्षत्र विशेष रूप से शक्तिशाली है। गुरु पुष्य योग 2026: बृहस्पति उच्च + गुरुवार + पुष्य = सर्वोच्च शुभता।

क्या पुष्य नक्षत्र में शुरू किए गए काम सफल होते हैं?

पुष्य नक्षत्र में कार्य आरंभ: हां, पुष्य नक्षत्र में शुरू किए गए कार्य आमतौर पर सफल होते हैं। व्यापार: नई दुकान या व्यापार का शुभारंभ। शिक्षा: नई पढ़ाई की शुरुआत। गृह प्रवेश: पुष्य पर गृह प्रवेश बहुत शुभ। दवा: पुष्य नक्षत्र पर शुरू की गई दवा तेजी से असर करती है। पुष्य राम: पुष्य पर भगवान राम का नाम जपना दोगुना फलदायी।

पुष्य नक्षत्र पर क्या पूजा करें?

पुष्य नक्षत्र पूजा: बृहस्पति पूजा: पीले फूल, केले, हल्दी। गणेश पूजा: विघ्न निवारण। लक्ष्मी पूजा: खरीदारी के साथ। मंत्र: ओम बृं बृहस्पतये नमः। दान: पुष्य पर पीले वस्त्र, पुस्तकें, केला दान। व्रत: पुष्य पर गुरुवार व्रत रखना विशेष फलदायी।