वृश्चिक राशि: राहु-केतु राशि परिवर्तन 18 जुलाई 2026
18 जुलाई 2026 को राहु मीन से कुंभ और केतु कन्या से सिंह में जाएंगे। वृश्चिक राशि के लिए: 18 जुलाई से पहले राहु 5thवें, केतु 11thवें भाव में। 18 जुलाई के बाद: राहु 4thवें, केतु 10thवें भाव में। यह 18 महीने (जनवरी 2028 तक) का नया अक्ष है।
वृश्चिक के लिए राहु-केतु परिवर्तन
- 18 जुलाई से पहले: राहु 5thवें, केतु 11thवें भाव (मीन-कन्या अक्ष)
- 18 जुलाई 2026 के बाद: राहु 4thवें, केतु 10thवें भाव (कुंभ-सिंह अक्ष)
- अवधि: 18 जुलाई 2026 से जनवरी 2028 (18 महीने)
- उसी सप्ताह: शुक्र वक्री (10 जुलाई), चातुर्मास (17 जुलाई)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
18 जुलाई 2026 राहु-केतु राशि परिवर्तन का वृश्चिक पर क्या असर?
वृश्चिक राहु-केतु 18 जुलाई 2026: पहले (मीन-कन्या अक्ष): राहु 5thवें भाव में, केतु 11thवें भाव में। 18 जुलाई के बाद (कुंभ-सिंह अक्ष): राहु 4thवें भाव में, केतु 10thवें भाव में। यह बड़ा जीवन क्षेत्र परिवर्तन है।
18 जुलाई 2026 से पहले वृश्चिक के लिए राहु-केतु क्या कर रहे थे?
वृश्चिक के लिए राहु मीन में (जनवरी 2025 - 18 जुलाई 2026): राहु आपके 5thवें भाव में। Rahu in 5th house amplifies creativity and speculation. Romance with unconventio। केतु आपके 11thवें भाव में। Ketu in 11th house reduces social networking desires. Detach। ये प्रभाव जनवरी 2025 से 17 जुलाई 2026 तक।
18 जुलाई 2026 के बाद वृश्चिक के लिए क्या बदलता है?
वृश्चिक के लिए राहु कुंभ में (18 जुलाई 2026 से): राहु आपके 4thवें भाव में। Rahu in 4th house creates restlessness at home. Property and real estate opportunities. Mothers health or foreign connections through home.। केतु आपके 10thवें भाव में। Ketu in 10th house creates detachment from career and public status. Spiritual career or service-oriented work fulfills. Past-life karma around authority resolves.। यह अक्ष जनवरी 2028 तक (18 महीने) सक्रिय।
वृश्चिक के लिए 4thवें भाव में राहु शुभ है या अशुभ?
वृश्चिक के लिए 4thवें भाव में राहु (18 जुलाई 2026 से): Rahu in 4th house creates restlessness at home. Property and real estate opportunities. Mothers health or foreign connections through home.। 4thवें भाव में राहु मिश्रित फल। इस भाव के विषय अपरंपरागत तरीकों से बढ़ते हैं।
18 जुलाई 2026 के बाद वृश्चिक के लिए 10thवें भाव में केतु का क्या अर्थ?
वृश्चिक के लिए 10thवें भाव में केतु (18 जुलाई 2026 से): Ketu in 10th house creates detachment from career and public status. Spiritual career or service-oriented work fulfills. Past-life karma around authority resolves.। केतु यहां इन विषयों से आध्यात्मिक वैराग्य और पूर्वजन्म कर्म का समापन लाता है।
वृश्चिक के लिए शनि मीन और राहु-केतु परिवर्तन का क्या संयुक्त प्रभाव?
वृश्चिक शनि-राहु 2026: शनि मीन में (आपके 5वें भाव में)। 18 जुलाई से पहले: राहु भी मीन में (उसी भाव में) शनि-राहु संयोग। 18 जुलाई के बाद: राहु कुंभ में जाते हैं - नया ग्रह विन्यास।
18 जुलाई 2026 से पहले वृश्चिक राशि को क्या करना चाहिए?
वृश्चिक के लिए 18 जुलाई से पहले: राहु 5thवें और केतु 11thवें भाव के विषयों को पूर्ण करें। Rahu in 5th house amplifies creativity and speculation. Roma। इस भाव के अधूरे कार्य जुलाई 18 से पहले निपटाएं। विदेश, छिपे मामले और मीन/कन्या संबंधित कार्य पूरे करें।
18 जुलाई 2026 राहु-केतु परिवर्तन के लिए वृश्चिक के उपाय?
वृश्चिक के लिए 18 जुलाई 2026 उपाय: राहु-केतु शांति पूजा। शिव मंदिर दर्शन। "ॐ राहवे नमः" (राहु) और "ॐ केतवे नमः" (केतु) जपें। दान: तिल और लोहा (राहु), केतकी फूल और विविधरंगी वस्त्र (केतु)। 18 जुलाई को बड़े निर्णय न लें। 19 जुलाई से नई शुरुआत करें।
वृश्चिक राशि के लिए 18 जुलाई 2026 शुक्र वक्री और राहु-केतु का क्या संयोग?
वृश्चिक जुलाई 2026 त्रिसंगम: शुक्र वक्री 10 जुलाई, देव शयनी एकादशी/चातुर्मास 17 जुलाई, राहु-केतु परिवर्तन 18 जुलाई। वृश्चिक के लिए: राहु 4thवें भाव में + शुक्र वक्री मिथुन = जीवन-क्षेत्र परिवर्तन और कार्मिक समीक्षा का संयोग। 17-18 जुलाई 2026 वृश्चिक के लिए 2026 का प्रमुख मोड़ बिंदु है।
अगले 18 महीने वृश्चिक राशि के लिए 4thवें भाव में राहु क्या लाएगा?
वृश्चिक 4thवें भाव में राहु (जुलाई 2026 - जनवरी 2028): 18-माह भविष्यफल। Rahu in 4th house creates restlessness at home. Property and real estate opportunities. Mothers health or foreign connections through home.। राहु इस भाव के विषयों में तेजी, अप्रत्याशित अवसर और अपरंपरागत सफलता लाएंगे। विदेश संबंध, प्रौद्योगिकी, नवाचार। केतु 10thवें भाव में: Ketu in 10th house creates detachment from career ।