रथ यात्रा 2026: भगवान जगन्नाथ की यात्रा

रथ यात्रा 2026 में 21 जून को है। पुरी (ओडिशा) में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथ यात्रा विश्वप्रसिद्ध है। यह आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को होती है। लाखों भक्त रथ की रस्सी खींचते हैं।

रथ यात्रा 2026 की तिथि

2026 रथ यात्रा: 21 जून 2026 (आषाढ़ शुक्ल द्वितीया)। पुरी उत्सव। वापसी रथ यात्रा: 29 जून (बहुदा यात्रा)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रथ यात्रा 2026 कब है?

रथ यात्रा 2026: 21 जून 2026 (रविवार)। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया। पुरी, ओडिशा।

रथ यात्रा में कितने रथ होते हैं?

3 रथ: नंदिघोष: जगन्नाथ का। तलध्वज: बलभद्र का। देवदलन: सुभद्रा का। ऊंचाई: 14-16 मीटर। लकड़ी: प्रतिवर्ष नई लकड़ी से।

रथ यात्रा का धार्मिक महत्व?

रथ यात्रा महत्व: भगवान: जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा। यात्रा: गुंडिचा मंदिर तक (3 किमी)। 7 दिन: वहां रुकते हैं। बहुदा: वापसी। मुक्ति: रस्सी खींचने वाले को।

2026 रथ यात्रा में गुरु पूर्णिमा से पहले?

2026 रथ यात्रा: 21 जून। गुरु पूर्णिमा: 11 जुलाई। 20 दिन पहले। देव शयनी: 17 जुलाई।

पुरी जगन्नाथ मंदिर 2026?

पुरी 2026: जगन्नाथ मंदिर: 12वीं सदी। 4 धाम: पुरी एक। रथ यात्रा: 21 जून। लाखों: भक्त। टीवी प्रसारण: दूरदर्शन।

रथ यात्रा पर क्या करें?

रथ यात्रा उपाय: पुरी जाएं: यदि संभव। टीवी: दर्शन। जगन्नाथ भजन: घर में। महाप्रसाद: ग्रहण करें। दान: अन्नदान।

महाप्रसाद क्या है?

जगन्नाथ महाप्रसाद: पुरी में: 56 भोग। मिट्टी के बर्तन में: पकाया। अनूठा: अग्नि बिना भी पकता। महाप्रसाद: सबको समान। जाति: भेद नहीं।

रथ यात्रा और भगवान कृष्ण?

जगन्नाथ और कृष्ण: जगन्नाथ: विष्णु के अवतार। कृष्ण रूप: जगन्नाथ। जगत के नाथ। पुरी: कृष्ण की पूरी। रथ यात्रा: कृष्ण की द्वारका यात्रा का स्मरण।

बहुदा यात्रा 2026 कब है?

बहुदा यात्रा 2026: 29 जून 2026। रथ यात्रा की वापसी। 7 दिन: जगन्नाथ जी गुंडिचा में। बहुदा: वापसी की यात्रा। नेत्रोत्सव: बहुदा के बाद।