श्रावण सोमवार 2026: तारीखें, व्रत विधि और शिव पूजा गाइड
श्रावण सोमवार 2026 (सावन के सोमवार) की संपूर्ण जानकारी। श्रावण 2026 में 14 जुलाई से शुरू होता है। चार पावन श्रावण सोमवार: 20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त और 10 अगस्त 2026। इस वर्ष कर्क में उच्च गुरु के कारण इन सोमवारों का पुण्य विशेष रूप से बढ़ा हुआ है।
श्रावण सोमवार 2026 मुख्य तारीखें
- पहला श्रावण सोमवार: 20 जुलाई 2026, सोमवार
- दूसरा श्रावण सोमवार: 27 जुलाई 2026, सोमवार
- तीसरा श्रावण सोमवार: 3 अगस्त 2026, सोमवार
- चौथा श्रावण सोमवार: 10 अगस्त 2026, सोमवार
- श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन): 12 अगस्त 2026
- 2026 विशेष: कर्क में उच्च गुरु से श्रावण का पुण्य अत्यधिक बढ़ा
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावण सोमवार 2026 की तारीखें क्या हैं?
श्रावण मास 2026 में 14 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक (उत्तर भारतीय कैलेंडर)। श्रावण सोमवार 2026 की तारीखें: पहला श्रावण सोमवार: 20 जुलाई 2026। दूसरा श्रावण सोमवार: 27 जुलाई 2026। तीसरा श्रावण सोमवार: 3 अगस्त 2026। चौथा श्रावण सोमवार: 10 अगस्त 2026। महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमांत कैलेंडर के अनुसार तारीखें थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।
श्रावण सोमवार इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं?
श्रावण: हिंदू कैलेंडर का सबसे पवित्र महीना। सोमवार: भगवान शिव का दिन। जब श्रावण में सोमवार पड़े: वर्ष के सर्वाधिक पुण्यकारी व्रत दिवसों में से एक। श्रावण सोमवार व्रत से: विवाह की इच्छा पूर्ण होती है, अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है, पाप नाश होता है, शिव-पार्वती का आशीर्वाद मिलता है, आध्यात्मिक पुण्य में वृद्धि होती है।
श्रावण सोमवार 2026 का व्रत कैसे करें?
श्रावण सोमवार व्रत विधि: सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें, सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनें। शिवलिंग पर जल अभिषेक करें, ओम नमः शिवाय का 108 बार जाप। फलाहार या संपूर्ण उपवास रखें। घर के मंदिर में घी का दीपक और धूप जलाएं। शाम की पूजा के बाद व्रत तोड़ें। चारों श्रावण सोमवार व्रत रखने से अधिक लाभ होता है।
श्रावण सोमवार 2026 को भगवान शिव को क्या अर्पित करें?
शिव को श्रावण सोमवार पर अर्पण: गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक। बेलपत्र (3 या 5 पत्ते)। सफेद फूल, धतूरे के फूल। कच्चा दूध शहद मिलाकर। भस्म (विभूति)। सफेद चंदन। धतूरा फल। सफेद मिठाई नैवेद्य। क्या नहीं चढ़ाएं: तुलसी के पत्ते (शिव को वर्जित), लाल कुमकुम सीधे शिवलिंग पर।
2026 में कर्क में उच्च गुरु के साथ श्रावण सोमवार का महत्व?
श्रावण सोमवार 2026 का विशेष महत्व: 14 मई 2026 से कर्क राशि में गुरु उच्च। श्रावण सोमवार (20 जुलाई से 10 अगस्त) गुरु की उच्चावस्था के दौरान। कर्क में उच्च गुरु का मीन राशि (प्राकृतिक राशिचक्र का 9वां भाव) पर दृष्टि: सभी आध्यात्मिक कार्यों का फल बढ़ाती है। शिव पूजा + उच्च गुरु = 2026 में अधिकतम आध्यात्मिक लाभ।
क्या श्रावण सोमवार व्रत विवाह के लिए लाभकारी है?
श्रावण सोमवार व्रत: विवाह की कामना रखने वालों के लिए सबसे प्रभावशाली व्रतों में से एक। विशेष रूप से लाभकारी: कुंवारी कन्याओं के लिए जो अच्छे पति की कामना रखती हैं (जैसे माता पार्वती ने शिव को पाने के लिए व्रत रखे)। विवाह में देरी का सामना कर रहे लोगों के लिए। दांपत्य सुख की कामना रखने वाले जोड़ों के लिए। 2026 में चारों श्रावण सोमवार व्रत करने से विशेष फल मिलता है।
श्रावण सोमवार व्रत 2026 में क्या खा सकते हैं?
श्रावण सोमवार व्रत नियम: निर्जला व्रत: शाम की पूजा तक कुछ नहीं (सबसे कठिन)। फलाहार: फल, दूध, मेवे। सात्विक व्रत: अनाज, प्याज, लहसुन, मांसाहार, मद्य से परहेज। अधिकांश भक्त आंशिक व्रत रखते हैं: फल, दूध, आलू, साबूदाना। व्रत तोड़ना: शाम की शिव पूजा के बाद नैवेद्य अर्पित करके। परिवार की परंपरा का पालन करें।
श्रावण 2026 की पूर्णिमा कब है?
श्रावण पूर्णिमा 2026: 12 अगस्त 2026। यही रक्षाबंधन 2026 है। श्रावण पूर्णिमा महत्व: श्रावण सोमवार व्रत का समापन विशेष पूजा के साथ। रक्षाबंधन (भाई-बहन का पर्व)। सत्यनारायण कथा। श्रावण शिवरात्रि 2026: लगभग 21 जुलाई (चतुर्दशी) को, जो प्रथम श्रावण सोमवार के निकट ही पड़ती है।
श्रावण सोमवार 2026 पर कौन सा मंत्र जपें?
श्रावण सोमवार 2026 के मंत्र: मुख्य मंत्र: "ॐ नमः शिवाय" - प्रत्येक सोमवार 108 बार। महामृत्युंजय मंत्र: "ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।" शिव पंचाक्षर: "न-म-शि-व-य"। रुद्राभिषेक मंत्र: "ॐ नमो भगवते रुद्राय"। विवाह की कामना के लिए: "ॐ गौरीपतये नमः" 21 बार बेलपत्र अर्पित करते हुए।
क्या घर से श्रावण सोमवार व्रत किया जा सकता है?
हां, श्रावण सोमवार व्रत पूरी तरह घर से किया जा सकता है। घर पर व्यवस्था: शिवलिंग या शिव चित्र स्वच्छ स्थान पर रखें। गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक करें। बेलपत्र, फूल, धूप अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं। शिव चालीसा या शिव पुराण का अंश पढ़ें। 2026 के श्रावण सोमवार (20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त, 10 अगस्त): सभी घर से पूरी श्रद्धा से किए जा सकते हैं। भगवान शिव आशुतोष हैं, सच्ची भक्ति ही पर्याप्त है।