उगादि 2026: दक्षिण भारत का नव वर्ष
उगादि 2026 में 30 मार्च को है। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है। उगादि का अर्थ है "युग + आदि" यानी युग का आरंभ। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में यह नव वर्ष है। उगादि पचड़ी (6 स्वादों की चटनी) खाने की परंपरा है।
उगादि 2026 की तिथि
2026 उगादि: 30 मार्च 2026 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा)। गुड़ी पड़वा: महाराष्ट्र में उसी दिन। चैत्र नवरात्रि: भी 30 मार्च।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उगादि 2026 कब है?
उगादि 2026: 30 मार्च 2026 (सोमवार)। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा।
उगादि पचड़ी क्या है?
उगादि पचड़ी: 6 स्वाद। इमली: खट्टा (दुख)। कच्चा आम: खट्टापन। गुड़: मीठा (खुशी)। मिर्च: तीखा। नीम: कड़वा (दुख)। नमक: नमकीन। जीवन के 6 स्वाद।
उगादि और गुड़ी पड़वा में अंतर?
उगादि बनाम गुड़ी पड़वा: उगादि: आंध्र, तेलंगाना, कर्नाटक। गुड़ी पड़वा: महाराष्ट्र। दोनों: 30 मार्च 2026। दोनों: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा।
उगादि पर क्या करें?
उगादि उपाय: स्नान। उगादि पचड़ी: खाएं। नए वस्त्र। पंचांग श्रवण। मंदिर। दान।
2026 उगादि का महत्व?
2026 उगादि: 30 मार्च। चैत्र नवरात्रि भी। बृहस्पति वृषभ। नया हिंदू वर्ष।
उगादि पंचांग 2026?
उगादि पंचांग: 2026: शोभकृत या श्रीमुख संवत्सर। प्रत्येक उगादि: नए वर्ष का पंचांग। 30 मार्च: पंचांग श्रवण।
उगादि में बेवू-बेल्ला?
बेवू-बेल्ला: कन्नड़ में। नीम + गुड़। कड़वा + मीठा = जीवन। उगादि परंपरा।
कर्नाटक में उगादि 2026?
कर्नाटक उगादि: युगादि। बेंगलुरु: उत्सव। ब्रह्म मुहूर्त: स्नान। मंदिर: पूजा। पंचांग।
उगादि और हिंदू नव वर्ष?
हिंदू नव वर्ष: 30 मार्च 2026: चैत्र प्रतिपदा। उगादि: दक्षिण। गुड़ी पड़वा: महाराष्ट्र। चेटी चंड: सिंधी। नव संवत्सर: हिंदी क्षेत्र।