बैठक (Drawing Room) के लिए वास्तु: दिशा, सोफा, रंग और सुझाव
बैठक घर का सामाजिक हृदय है, जहाँ परिवार एकत्रित होता है और मेहमानों का स्वागत किया जाता है। वास्तु शास्त्र के बैठक सिद्धांत पूरे घर में सामाजिक ऊर्जा, समृद्धि और सद्भाव के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं।
बैठक वास्तु: प्रश्न और उत्तर
वास्तु के अनुसार बैठक के लिए सर्वोत्तम दिशा कौन सी है?
वास्तु शास्त्र में बैठक की दिशाएं: सबसे आदर्श: उत्तर या पूर्व दिशा। उत्तर कुबेर (धन, समृद्धि) द्वारा शासित। पूर्व इंद्र और सूर्य ऊर्जा। दोनों सामाजिक स्थान के लिए सकारात्मक। दूसरी सर्वश्रेष्ठ: उत्तर-पूर्व। प्रकाश से भरपूर, आध्यात्मिक रूप से उन्नत ऊर्जा। स्वीकार्य: पश्चिम दिशा। बचाएं: दक्षिण-मुखी बैठक (यम की दिशा)। सबसे ज्यादा बचाएं: दक्षिण-पश्चिम। यदि अपरिहार्य: कमरे के दक्षिण-पश्चिम कोने में भारी फर्नीचर। उत्तर-पूर्व कोना हल्का और साफ रखें।
वास्तु के अनुसार बैठक में मुख्य सोफा कहाँ रखें?
बैठक में सोफा और सीटिंग वास्तु: आदर्श सोफा स्थान: दक्षिण या पश्चिम दीवार के साथ। घर का मुखिया दक्षिण या पश्चिम क्षेत्र में बैठे, उत्तर या पूर्व की ओर मुँह करके। अतिथि: दक्षिण या पश्चिम की ओर मुँह करके बैठें। सोफे के पीछे दीवार: मुख्य सोफे के पीछे ठोस दीवार (खिड़की या दरवाजा नहीं)। बचाएं: मुख्य प्रवेश की ओर पीठ करके। छत की बीम के नीचे। उत्तर-पूर्व कोने में। L-आकार के सोफे: लंबे हिस्से को दक्षिण या पश्चिम दीवार के साथ।
बैठक के उत्तर-पूर्व कोने में क्या रखना चाहिए?
बैठक का उत्तर-पूर्व कोना: उत्तर-पूर्व (ईशान) सबसे पवित्र दिशा। बैठक में: हल्का और साफ रखें। शुभ वस्तुएं: छोटा फव्वारा या मछलीघर (जल तत्व) - अत्यंत शुभ। वैकल्पिक: गणेश या लक्ष्मी की छोटी मूर्ति। ताजे फूल (नियमित बदलते रहें)। वास्तु पिरामिड। बचाएं उत्तर-पूर्व में: भारी फर्नीचर। डस्टबिन या जूते-चप्पल। कोई भी अव्यवस्था।
वास्तु के अनुसार बैठक में टेलीविजन कहाँ रखें?
बैठक में टेलीविजन वास्तु: आदर्श TV स्थान: दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दीवार पर। दक्षिण दीवार: TV उत्तर की ओर मुँह। दक्षिण-पूर्व: अग्नि क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए उपयुक्त। देखने की दिशा: पूर्व या उत्तर की ओर मुँह करके देखना। अर्थात: पूर्व दीवार पर TV: देखने वाले पूर्व की ओर मुँह। उत्तर दीवार पर TV: देखने वाले उत्तर की ओर। बचाएं: मुख्य प्रवेश के सामने TV। उत्तर-पूर्व में TV। फायरप्लेस या हीटर के ऊपर।
बैठक के लिए वास्तु-अनुशंसित रंग कौन से हैं?
बैठक वास्तु रंग: सर्वश्रेष्ठ: सफेद और क्रीम: साफ, उज्ज्वल, सामाजिक ऊर्जा। हल्का पीला या सोना: बृहस्पति के रंग, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा। हल्का हरा: विकास और ताजगी। हल्का नीला: शांत, खुला संचार। कोमल मूंगा या आड़ू: दक्षिण मुखी बैठक के लिए। बचाएं: पूरी तरह काली दीवारें। गहरे लाल या मैरून। एक्सेंट रंग: कुशन, कलाकृति और सामान के माध्यम से एक्सेंट रंग।
वास्तु के अनुसार बैठक में क्या नहीं रखना चाहिए?
बैठक में निषिद्ध वस्तुएं: टूटी या क्षतिग्रस्त वस्तुएं। कृत्रिम या सूखे फूल। रोते हुए आकृतियों, दुखद दृश्यों, युद्ध की छवियां। अकेले पक्षी, जानवर या एकाकी आकृतियां। कैक्टस पौधे (तेज कांटे)। मुख्य प्रवेश के सामने दर्पण। जूते-चप्पल। डस्टबिन। सावधानी से: मछलीघर दक्षिण दिशा में नहीं। जल तत्व केवल उत्तर या उत्तर-पूर्व में।
वास्तु के अनुसार बैठक के लिए सर्वश्रेष्ठ पौधे कौन से हैं?
बैठक में वास्तु पौधे: सर्वश्रेष्ठ: मनी प्लांट: उत्तर या पूर्व में। प्रचुर मात्रा में बढ़ता है और धन से जुड़ा है। बांस: लकी बैम्बू (3, 6, या 9 डंठल) पूर्व या दक्षिण-पूर्व में। चमेली: उत्तर या पूर्व में। सुगंध सकारात्मक वातावरण बनाती है। पीस लिली: उत्तर या पूर्व में। स्नेक प्लांट: उत्तर या पूर्व कोने में। शुभ संख्या: पौधों के जोड़े या विषम संख्या (3, 5, 7)। बचाएं: कैक्टस। कांटेदार पौधे। बड़े, झुके हुए पत्ते। बोन्साई।
बैठक में मुख्य प्रवेश और ऊर्जा प्रवाह कैसे व्यवस्थित करें?
प्रवेश से बैठक तक वास्तु ऊर्जा प्रवाह: प्रवेश द्वार: मुख्य प्रवेश द्वार बैठक में खुलना चाहिए। प्रवेश करने पर पहली दृष्टि में शुभ वस्तुएं: ताजे फूल। गणेश या लक्ष्मी। प्रेरक कलाकृति। उत्तर-पूर्व में दीया। जूते-चप्पल: प्रवेश से सीधे दिखाई न दे। बाईं ओर या पश्चिम में। सीढ़ी: उत्तर-पूर्व में नहीं। प्रवेश से सीधे दिखाई नहीं देनी चाहिए।
बैठक में कलाकृति और तस्वीरें कहाँ और कैसे लगाएं?
बैठक कलाकृति वास्तु: शुभ कलाकृति: प्रकृति की छवियां: पर्वत, बहती नदियां, सूर्योदय। पारिवारिक फोटोग्राफ: पूर्व या उत्तर दीवार पर। आध्यात्मिक छवियां: गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती। प्रचुरता की छवियां: मछली, हंस के जोड़े, ऊपरी सूंड वाले हाथी। बचाएं: युद्ध, हिंसा या मृत्यु। रोती, अकेली या उदास आकृतियां। आक्रमण मुद्रा में शिकारी जानवर। अस्थिर या अव्यवस्थित अमूर्त कला। स्थान: उत्तर या पूर्व दीवार सबसे शुभ।
अपार्टमेंट की बैठक के लिए वास्तु सुझाव क्या हैं?
अपार्टमेंट बैठक वास्तु: दिशा पहचानें: कम्पास ऐप से बैठक की दिशा जानें। उत्तर-पूर्व को खाली करें: सबसे प्रभावशाली वास्तु सुधार। दर्पण: उत्तर या पूर्व दीवार पर। मुख्य प्रवेश के सामने नहीं। पौधे: उत्तर/पूर्व में मनी प्लांट। अव्यवस्था: कम करना सबसे सार्वभौमिक सुधार। रंग: गैर-आदर्श दिशा (दक्षिण, पश्चिम) में हल्के रंग। प्रकाश: पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश जरूरी। गर्म, उज्ज्वल कृत्रिम प्रकाश।