शनि अमावस्या 2026: शनि और पितृ का संगम
शनि अमावस्या वह विशेष दिन है जब अमावस्या शनिवार को पड़ती है। 2026 में यह विशेष संयोग कब पड़ता है। इस दिन शनि और पितृ दोनों की पूजा का विशेष महत्व है। शनि कुंभ में होने से 2026 में शनि अमावस्या और भी शक्तिशाली है।
शनि अमावस्या 2026 कब है
2026 शनि अमावस्या: 23 मई 2026 (शनिवार, ज्येष्ठ अमावस्या)। और: 19 दिसंबर 2026 (शनिवार, पौष अमावस्या)। 2026 में: दोनों शनि अमावस्या शनि कुंभ में होंगी। महत्व: शनि + पितृ का दोहरा लाभ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शनि अमावस्या 2026 कब है?
2026 शनि अमावस्या: पहली: 23 मई 2026 (शनिवार, ज्येष्ठ)। दूसरी: 19 दिसंबर 2026 (शनिवार, पौष)। ये तिथियां: अनुमानित, स्थानीय पंचांग से सत्यापित करें।
शनि अमावस्या पर क्या करें?
शनि अमावस्या उपाय: शनि पूजा: सुबह शनि तेल का दीपक। पीपल: पीपल की 7 परिक्रमा। काले तिल: तेल में तिल मिलाकर दान। दान: लोहा, काले कपड़े, तेल। पितृ तर्पण: काले तिल और जल से। भोजन: ब्राह्मणों को भोजन।
शनि अमावस्या पर क्यों विशेष महत्व है?
शनि अमावस्या महत्व: शनि: न्याय और कर्म का ग्रह। अमावस्या: पितरों का समय। संयोग: दोनों एक साथ, दोहरी शक्ति। शनि दोष: इस दिन शनि दोष निवारण। पितृ दोष: पितृ तर्पण से पितृ प्रसन्न।
शनि अमावस्या पर पितृ तर्पण कैसे करें?
शनि अमावस्या तर्पण: प्रातः: स्नान। दक्षिण दिशा: मुंह करके। काले तिल और जल: पितरों को अर्पण। मंत्र: "ओम पितृभ्यः स्वधा नमः"। दान: गाय को चारा। ब्राह्मण: भोजन।
2026 में शनि अमावस्या का ज्योतिषीय महत्व?
2026 शनि अमावस्या: शनि कुंभ: 2026 में शनि स्वराशि में बलवान। शनि अमावस्या: शनि की शक्ति अत्यधिक। साढ़ेसाती: 2026 में साढ़ेसाती वालों के लिए शनि अमावस्या पर उपाय विशेष। नीलम: शनि अमावस्या पर नीलम पहनने का उचित समय।
शनि शांति के लिए क्या करें?
शनि शांति उपाय: शनि मंदिर: शनिवार और शनि अमावस्या पर। हनुमान चालीसा: प्रतिदिन। काले घोड़े की नाल: शनि यंत्र। सरसों का तेल: दीपक। दान: नीले वस्त्र, लोहा, काले चने। मांस-मदिरा से परहेज।
शनि अमावस्या पर क्या न करें?
शनि अमावस्या पर वर्जित: नए काम शुरू नहीं। विवाह नहीं। मांस-मदिरा नहीं। क्रोध और झूठ नहीं। शनि को बुरा लगे: चमड़े के जूते नहीं पहनें। भोजन: लहसुन और प्याज से परहेज।
पीपल पर शनि अमावस्या में तेल क्यों?
शनि अमावस्या और पीपल: पीपल: शनि और पितरों का प्रिय वृक्ष। सरसों तेल: शनि को सरसों तेल प्रिय। संयोग: शनि + अमावस्या + पीपल = तीव्र पुण्य। दीपक: पीपल के नीचे तेल का दीपक। 108 परिक्रमा: विशेष फल।
शनि अमावस्या और साढ़ेसाती?
शनि अमावस्या और साढ़ेसाती: साढ़ेसाती: शनि का 7.5 साल का गोचर। इस दौरान: शनि अमावस्या पर उपाय अनिवार्य। 2026 में साढ़ेसाती: कुंभ, मीन, मकर राशि पर। उपाय: शनि मंदिर, तेल दान, हनुमान पाठ।
शनि देव को क्या चढ़ाएं?
शनि को अर्पण: फूल: नीले, बैंगनी। फल: काला अंगूर। दीपक: सरसों तेल का। धूप: काला अगरबत्ती। प्रसाद: काले तिल के लड्डू। वस्त्र: काला या नीला। तिल के तेल: शनि को सबसे प्रिय।