एकादशी 2026 कैलेंडर: सभी तिथियां
एकादशी हिंदू पंचांग में 11वीं तिथि है और भगवान विष्णु को समर्पित है। वर्ष में 24 एकादशियां होती हैं (शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष में)। 2026 में देव शयनी एकादशी 17 जुलाई और देव उठनी एकादशी 22 नवंबर को है।
2026 की प्रमुख एकादशियां
2026 एकादशी: जनवरी: 10 सफला (कृष्ण), 25 पुत्रदा (शुक्ल)। फरवरी: 9 जया (कृष्ण), 24 विजया (शुक्ल)। मार्च: 10 आमलकी (कृष्ण), 26 पापमोचिनी (शुक्ल)। अप्रैल: 9 कामदा (कृष्ण), 24 वरुथिनी। मई: 8 मोहिनी, 23 अपरा। जून: 7 निर्जला, 22 योगिनी। जुलाई: 6 देवशयनी (हरिशयनी), 22 कामिका। जुलाई-नवंबर: चातुर्मास। नवंबर: 22 देव उठनी (तुलसी विवाह)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एकादशी 2026 में कब-कब है?
2026 प्रमुख एकादशी: निर्जला एकादशी: 7 जून। देव शयनी एकादशी: 17 जुलाई। देव उठनी एकादशी: 22 नवंबर। वैकुंठ एकादशी: दिसंबर 2026। शुक्ल एकादशी: हर माह अमावस्या के 11 दिन बाद। कृष्ण एकादशी: हर माह पूर्णिमा के 11 दिन बाद।
देव शयनी एकादशी 2026 कब है?
देव शयनी एकादशी 2026: तिथि: 17 जुलाई 2026 (आषाढ़ शुक्ल एकादशी)। महत्व: इस दिन भगवान विष्णु 4 माह के लिए क्षीरसागर में सो जाते हैं। चातुर्मास: 17 जुलाई से 22 नवंबर तक। मांगलिक कार्य: इस दिन के बाद नहीं होते।
देव उठनी एकादशी 2026 कब है?
देव उठनी एकादशी 2026: तिथि: 22 नवंबर 2026 (कार्तिक शुक्ल एकादशी)। महत्व: भगवान विष्णु इस दिन जागते हैं। तुलसी विवाह: इसी दिन। विवाह मुहूर्त: 22 नवंबर से फिर शुरू। पद्म एकादशी: दूसरा नाम।
निर्जला एकादशी 2026 कब है?
निर्जला एकादशी 2026: तिथि: 7 जून 2026 (ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी)। विशेषता: सबसे कठिन, पानी भी नहीं पीते। महत्व: इस एक व्रत से सभी 24 एकादशियों का फल। 2026: 7 जून, गर्मी में निर्जला व्रत बहुत पुण्यदायी।
एकादशी व्रत विधि क्या है?
एकादशी व्रत: दशमी (10वीं) को: एक समय भोजन, मांस-मदिरा-प्याज-लहसुन से परहेज। एकादशी को: सूर्योदय से पहले उठें। स्नान: गंगाजल से। पूजा: विष्णु पूजा, तुलसी अर्पण। उपवास: फलाहार या निर्जला। द्वादशी को: व्रत खोलें।
वैकुंठ एकादशी 2026 कब है?
वैकुंठ एकादशी 2026: मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी। दिसंबर 2026 में। महत्व: विष्णु मंदिरों में विशेष। वैकुंठ द्वार: इस दिन खुलता है। दक्षिण भारत: विशेष उत्सव (रंगनाथ मंदिर)।
एकादशी व्रत में क्या खा सकते हैं?
एकादशी व्रत में: खा सकते हैं: फल (केला, सेब, अंगूर, संतरा)। दूध, दही। साबूदाना (कुछ परंपराओं में)। आलू और कुट्टू का आटा। नहीं खा सकते: अनाज (गेहूं, चावल, दाल)। मांस, मछली, अंडे। प्याज, लहसुन। निर्जला: केवल पानी भी नहीं।
एकादशी व्रत के फायदे?
एकादशी व्रत: पाप नाश: सभी पापों से मुक्ति। मोक्ष: विष्णु की कृपा से मोक्ष। स्वास्थ्य: महीने में 2 बार उपवास, पाचन ठीक रहता है। मनोकामना: विशेष मनोकामना पूरी। एकादशी माहात्म्य: पद्म पुराण में विस्तार से।
एकादशी पर क्या न करें?
एकादशी पर वर्जित: अनाज: गेहूं, चावल, दाल न खाएं। क्षौर कर्म: बाल न कटाएं। झूठ: नहीं बोलें। क्रोध: नहीं करें। मांस-मदिरा: बिल्कुल नहीं। सोना: दिन में सोना वर्जित। लकड़ी काटना: पेड़ न काटें।