वैकुंठ एकादशी 2026: मोक्ष का द्वार

वैकुंठ एकादशी (मोक्षदा एकादशी) मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। 2026 में यह दिसंबर में पड़ेगी। इस दिन वैकुंठ के द्वार खुलते हैं और जो व्रत करता है उसे मोक्ष मिलता है। दक्षिण भारत में विशेष उत्सव होता है।

वैकुंठ एकादशी 2026 की तिथि

2026 वैकुंठ एकादशी: माह: मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी। दिसंबर 2026 में। विशेषता: इस दिन वैकुंठ का द्वार (उत्तर द्वार) खुलता है। दक्षिण भारत: रंगनाथ, तिरुपति मंदिरों में विशेष दर्शन।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैकुंठ एकादशी 2026 कब है?

वैकुंठ एकादशी 2026: मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी। दिसंबर 2026 में। सटीक तिथि: स्थानीय पंचांग से देखें। मोक्षदा एकादशी: यह इसका दूसरा नाम है।

वैकुंठ एकादशी पर क्या होता है?

वैकुंठ एकादशी: वैकुंठ द्वार: इस दिन विष्णु के वैकुंठ धाम का उत्तर द्वार खुलता है। दर्शन: जो इस दिन विष्णु के दर्शन करे वह मोक्ष पाता है। दक्षिण: तिरुपति में लाखों भक्त आते हैं। व्रत: इस दिन व्रत करने से मोक्ष।

वैकुंठ एकादशी व्रत विधि?

वैकुंठ व्रत: दशमी: एक समय भोजन। एकादशी: प्रातः स्नान, विष्णु पूजा। उपवास: फलाहार। जागरण: रात भर भजन। द्वादशी: पारण। विशेष: इस दिन विष्णु मंदिर में जाकर दर्शन करें।

तिरुपति में वैकुंठ एकादशी?

तिरुपति वैकुंठ एकादशी: वैकुंठ द्वार दर्शन: तिरुपति में वैकुंठ द्वार खुलता है। लाखों भक्त: इस दिन विशेष। टिकट: पहले से बुकिंग करनी होती है। 2026: दिसंबर में आयोजन। दर्शन: सोने के वैकुंठ द्वार से दर्शन शुभ।

मोक्षदा और वैकुंठ एकादशी एक ही है?

मोक्षदा और वैकुंठ एकादशी: हां, एक ही। मोक्षदा: मोक्ष देने वाली। वैकुंठ: वैकुंठ का द्वार खुलता है। उत्तर भारत: मोक्षदा एकादशी। दक्षिण भारत: वैकुंठ एकादशी। दोनों: मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी।

वैकुंठ एकादशी पर गीता पाठ क्यों?

वैकुंठ और गीता: भगवद् गीता: इसी दिन श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता उपदेश दिया। गीता जयंती: मोक्षदा एकादशी पर। गीता पाठ: इस दिन गीता पाठ का विशेष महत्व। मोक्ष: गीता और इस एकादशी दोनों मोक्ष के मार्ग।

वैकुंठ एकादशी व्रत के नियम?

वैकुंठ व्रत नियम: एक रात पहले: लहसुन-प्याज नहीं। व्रत में: फलाहार, दूध, दही। रात जागरण: विष्णु भजन। मंदिर: विष्णु मंदिर जाएं। तुलसी: विष्णु को तुलसी चढ़ाएं। पारण: अगली सुबह।

2026 में वैकुंठ एकादशी का ज्योतिषीय महत्व?

2026 वैकुंठ एकादशी: दिसंबर 2026: चातुर्मास के बाद। बृहस्पति: 2026 में उच्च बृहस्पति के साथ वैकुंठ एकादशी विशेष। व्रत और दान: इस दिन का पुण्य 10 गुना। 2026: मोक्ष की राह में यह एकादशी महत्वपूर्ण।

वैकुंठ एकादशी पर क्या दान करें?

वैकुंठ एकादशी दान: तिल: काले तिल। वस्त्र: पीले वस्त्र। अन्न: ब्राह्मण और गरीबों को। तुलसी माला: भक्तों को। पुस्तक: गीता या विष्णु पुराण। 2026: दिसंबर में सर्दी में कंबल दान।