ग्रहण 2026: सूर्य और चंद्र ग्रहण
2026 में कुल 4 ग्रहण होंगे: 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण। भारत में दिखने वाले ग्रहण ही धार्मिक दृष्टि से सूतक काल और नियमों के लिए प्रभावी माने जाते हैं। ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टि से राहु-केतु से संबंधित होते हैं।
2026 के ग्रहण की तिथियां
2026 ग्रहण सूची: चंद्र ग्रहण 1: 3 मार्च 2026 (भारत में दिखेगा)। सूर्य ग्रहण 1: 17 मार्च 2026 (खगोलीय, भारत में आंशिक)। चंद्र ग्रहण 2: 28 अगस्त 2026 (भारत में दिखेगा)। सूर्य ग्रहण 2: 12 सितंबर 2026 (खगोलीय, भारत में नहीं)। नोट: ग्रहण की सटीक दृश्यता और समय पंचांग से सत्यापित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में कितने ग्रहण हैं?
2026 में ग्रहण: कुल 4 ग्रहण: 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण। भारत में दृश्य: मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण और अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में दिखने की संभावना है। सूर्य ग्रहण: 2026 के सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक रूप से या नहीं दिखेंगे।
ग्रहण का सूतक काल क्या होता है?
सूतक काल: सूर्य ग्रहण सूतक: ग्रहण से 12 घंटे पहले। चंद्र ग्रहण सूतक: ग्रहण से 9 घंटे पहले। सूतक में: भोजन न करें (रोगी, वृद्ध, बच्चे छूट पा सकते हैं)। मंदिर बंद रहते हैं। मूर्ति का स्पर्श न करें। खाना पका होने पर: उसमें तुलसी दल या कुश डाल दें।
ग्रहण के दौरान क्या करें?
ग्रहण के दौरान करें: जप: मंत्र जाप, भगवान का नाम लें। ध्यान: ग्रहण काल में ध्यान और साधना विशेष फलदायी। तर्पण: ग्रहण के बाद पितृ तर्पण का विशेष महत्व। स्नान: ग्रहण के बाद पवित्र स्नान अनिवार्य। दान: ग्रहण के बाद दान का विशेष पुण्य।
ग्रहण के दौरान क्या न करें?
ग्रहण में वर्जित: भोजन: सूतक काल से लेकर ग्रहण समाप्ति तक भोजन वर्जित। नींद: ग्रहण काल में न सोएं। बाहर: ग्रहण को नंगी आंखों से न देखें। गर्भवती: घर से बाहर न निकलें, तेज धार वस्तुओं से दूर रहें। शुभ कार्य: ग्रहण काल में विवाह, मुंडन आदि वर्जित।
ग्रहण और राहु-केतु का क्या संबंध है?
ग्रहण और राहु-केतु: ज्योतिष में: सूर्य-चंद्र ग्रहण तब होता है जब राहु या केतु के निकट सूर्य या चंद्र आते हैं। 2026: राहु 18 जुलाई से कुंभ और केतु सिंह में। अगस्त 2026 चंद्र ग्रहण: केतु के सिंह में होने के समय, महत्वपूर्ण ग्रहण।
2026 मार्च चंद्र ग्रहण का क्या प्रभाव होगा?
3 मार्च 2026 चंद्र ग्रहण: फाल्गुन पूर्णिमा के दिन। राशि प्रभाव: राहु जिस राशि में हो उस राशि और सामने की राशि पर अधिक प्रभाव। 2026 मार्च में: राहु मीन में (18 जुलाई से पहले)। ग्रहण प्रभावित: मेष, कर्क, तुला, मकर राशि। उपाय: चंद्र ग्रहण के दिन चंद्रमा और राहु की शांति पूजा।
ग्रहण पर गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए?
गर्भवती और ग्रहण: परंपरागत नियम: घर के अंदर रहें। तेज धार वस्तुओं (कैंची, चाकू) से दूर रहें। कपड़े में सेफ्टी पिन न लगाएं। लेटे न रहें। धार्मिक नाम जपें: राम-राम या विष्णु मंत्र। वैज्ञानिक पक्ष: ग्रहण के UV रेडिएशन से बचना बेहतर है।
सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण में क्या अंतर है?
सूर्य और चंद्र ग्रहण में अंतर: सूर्य ग्रहण: अमावस्या को, जब चंद्र सूर्य को ढकता है। खतरा: सूर्य को नंगी आंखों से न देखें। सूतक: 12 घंटे। चंद्र ग्रहण: पूर्णिमा को, जब पृथ्वी की छाया चंद्र पर पड़ती है। सूतक: 9 घंटे। देख सकते हैं: चंद्र ग्रहण को आंखों से देख सकते हैं।
2026 का अगस्त चंद्र ग्रहण कब और कहां दिखेगा?
28 अगस्त 2026 चंद्र ग्रहण: श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन के 19 दिन बाद)। भारत में दृश्यता: भारत के अधिकांश भागों में आधी रात के आसपास दिखने की संभावना। ग्रहण काल: लगभग 1-2 घंटे। केतु सिंह में: 2026 में केतु सिंह में है, सिंह राशि और कुंभ राशि पर विशेष प्रभाव।