सूर्य ग्रहण 2026: पूर्ण और वलयाकार ग्रहण

सूर्य ग्रहण 2026 में दो बार होगा: 17 फरवरी (वलयाकार) और 12-13 अगस्त (पूर्ण सूर्य ग्रहण)। सूर्य ग्रहण अमावस्या को होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है। 12-13 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण विशेष महत्वपूर्ण है।

सूर्य ग्रहण 2026 की तिथियां

2026 सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी: वलयाकार सूर्य ग्रहण (Ring of Fire), दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका में दृश्य। 12-13 अगस्त: पूर्ण सूर्य ग्रहण, यूरोप, उत्तर अफ्रीका, ग्रीनलैंड में। भारत: इन ग्रहणों में सीमित दृश्यता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य ग्रहण 2026 कब है?

2026 सूर्य ग्रहण: पहला: 17 फरवरी 2026 (माघ अमावस्या, वलयाकार)। दूसरा: 12-13 अगस्त 2026 (श्रावण अमावस्या, पूर्ण)। दोनों: अमावस्या तिथि को।

12 अगस्त 2026 सूर्य ग्रहण क्या है?

अगस्त 2026 सूर्य ग्रहण: पूर्ण सूर्य ग्रहण: 12-13 अगस्त 2026। पथ: यूरोप, उत्तर अफ्रीका, ग्रीनलैंड, उत्तरी अटलांटिक। भारत: नहीं दिखेगा (अदृश्य)। सूतक: यदि भारत में नहीं दिखता, सूतक नहीं।

2026 में भारत में सूर्य ग्रहण दिखेगा?

भारत में 2026 सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी: भारत में नहीं दिखेगा। 12-13 अगस्त: भारत में नहीं दिखेगा। नोट: चूंकि दोनों सूर्य ग्रहण भारत में अदृश्य, सूतक भी नहीं। 2027: भारत में सूर्य ग्रहण दिख सकता है।

सूर्य ग्रहण में सूतक काल?

सूर्य ग्रहण सूतक: समय: सूर्य ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले। भारत में: केवल दृश्य ग्रहण में सूतक। 2026: दोनों सूर्य ग्रहण भारत में अदृश्य, इसलिए सूतक नहीं। आचरण: फिर भी सावधानी रखें।

सूर्य ग्रहण का राशि पर प्रभाव?

सूर्य ग्रहण 2026 राशि: 17 फरवरी (कुंभ): कुंभ, सिंह पर विशेष। 12-13 अगस्त (सिंह): सिंह, कुंभ पर विशेष। 2026 में: राहु कुंभ में (18 जुलाई से), अगस्त ग्रहण और राहु का संयोग। मन: सूर्य ग्रहण में आत्मशक्ति पर प्रश्न।

सूर्य ग्रहण में क्या नहीं करना चाहिए?

सूर्य ग्रहण में वर्जित: नंगी आंखों से देखना: आंखों को नुकसान। खाना: ग्रहण काल में न बनाएं। मंदिर: बंद रहते हैं (यदि सूतक हो)। नए काम: शुरुआत नहीं। गर्भवती: घर में रहें।

सूर्य ग्रहण के बाद क्या करें?

सूर्य ग्रहण के बाद: स्नान: शुद्धि के लिए। दान: अनाज, स्वर्ण, तांबा। मंदिर: विष्णु, सूर्य मंदिर। गायत्री मंत्र: 108 बार। माणिक: सूर्य ग्रहण के बाद माणिक पहनने का शुभ मुहूर्त नहीं।

वलयाकार और पूर्ण सूर्य ग्रहण में अंतर?

वलयाकार बनाम पूर्ण: पूर्ण सूर्य ग्रहण: चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढकता है, कोरोना दिखता है। वलयाकार: चंद्रमा थोड़ा दूर, सूर्य की अंगूठी (Ring of Fire) दिखती है। 2026: 17 फरवरी वलयाकार, 12-13 अगस्त पूर्ण।

सूर्य ग्रहण और दान?

सूर्य ग्रहण दान: तांबा: सूर्य का धातु। गेहूं: सूर्य का अनाज। माणिक: यदि हो। गुड़: सूर्य को प्रिय। 2026: 12 अगस्त ग्रहण के बाद दान। सूर्य पूजा: 108 गायत्री से।