हनुमान जयंती 2026: पवनपुत्र का जन्मोत्सव
हनुमान जयंती 2026: 5 अप्रैल 2026 (रविवार), चैत्र पूर्णिमा। भगवान हनुमान का जन्म चैत्र पूर्णिमा को हुआ था। रविवार को हनुमान जयंती का आना दोहरा शुभ योग है क्योंकि मंगलवार के साथ रविवार भी हनुमान जी का विशेष दिन माना जाता है।
हनुमान जयंती 2026 की तिथि
हनुमान जयंती 2026: 5 अप्रैल 2026 (रविवार), चैत्र शुक्ल पूर्णिमा। पूजा का शुभ समय: सूर्योदय से दोपहर 12 बजे तक।
हनुमान जयंती पूजा विधि
सुबह: स्नान, हनुमान मंदिर जाएं। सिंदूर और तेल: हनुमान जी को लाल सिंदूर और सरसों का तेल अर्पित करें। फूल: लाल फूलों की माला। भोग: मोतीचूर के लड्डू। हनुमान चालीसा: 108 बार या 11 बार पाठ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हनुमान जयंती 2026 कब है?
हनुमान जयंती 2026: 5 अप्रैल 2026 (रविवार), चैत्र शुक्ल पूर्णिमा। राम नवमी (29 मार्च) के 7 दिन बाद। 2026 में रविवार को हनुमान जयंती विशेष शुभ है।
हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ें?
हनुमान चालीसा पाठ: सामान्य: 1 बार दैनिक। विशेष फल: 11 बार (मनोकामना के लिए)। हनुमान जयंती पर: 108 बार (अत्यंत पुण्यकारी)। साल में एक बार: 1000 बार पाठ का संकल्प लें। मंगलवार और शनिवार: हनुमान चालीसा का नियमित पाठ श्रेष्ठ।
हनुमान जी को क्या चढ़ाएं?
हनुमान जी को प्रिय वस्तुएं: सिंदूर: हनुमान जी को लाल सिंदूर अत्यंत प्रिय। सरसों का तेल: शनि पीड़ा से मुक्ति के लिए। लाल फूल: लाल गुड़हल या गुलाब। मोतीचूर के लड्डू: भोग। केला: 5 या 11 केले। जनेऊ (यज्ञोपवीत)।
हनुमान जयंती पर कौन सा मंत्र जपें?
हनुमान जयंती मंत्र: बीज मंत्र: ओम हं हनुमते नमः। राम भक्ति मंत्र: श्री राम जय राम जय जय राम। हनुमान चालीसा: सर्वश्रेष्ठ। हनुमान गायत्री: ओम आंजनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
2026 हनुमान जयंती पर कौन सा विशेष योग है?
2026 हनुमान जयंती ग्रह योग: रविवार + पूर्णिमा: रविवार सूर्य का दिन (हनुमान सूर्य के शिष्य हैं) और पूर्णिमा पर जन्मोत्सव - विशेष शुभ। चैत्र नवरात्रि की समाप्ति के बाद: ऊर्जा का चरम काल। शुक्र उच्च: वसंत में प्रेम और भक्ति की ऊर्जा चरम पर।
हनुमान जी शनि के प्रकोप से कैसे बचाते हैं?
हनुमान जी और शनि: शनि देव ने लंका में हनुमान जी को बंदी बनाया था, बाद में हनुमान जी ने उन्हें मुक्त किया। कृतज्ञ शनि देव ने वचन दिया: जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि कष्ट नहीं देंगे। इसलिए: साढ़े साती, ढैया या शनि दोष में हनुमान उपासना सबसे कारगर उपाय है।
हनुमान जयंती पर व्रत कैसे करें?
हनुमान जयंती व्रत: सुबह: ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान। उपवास: दिनभर फलाहार। हनुमान मंदिर: दर्शन और हनुमान चालीसा। भोग: लड्डू और केला चढ़ाएं, गरीबों को बांटें। सूर्यास्त के बाद: पारण (भोजन)। नियम: मांस, मछली, शराब से दूर रहें।
हनुमान जी के प्रमुख मंदिर कौन से हैं?
भारत के प्रमुख हनुमान मंदिर: इलाहाबाद (प्रयागराज): लेटे हुए हनुमान जी। नासिक: कालाराम मंदिर में हनुमान। दिल्ली: करोल बाग हनुमान मंदिर। पटना: महावीर मंदिर (उत्तर भारत का सबसे प्रसिद्ध)। जामनगर (गुजरात): बाला हनुमान (24 घंटे रामनाम जप)। अयोध्या: श्री हनुमान गढ़ी।
हनुमान जयंती और हनुमान जन्म के बारे में क्या मान्यता है?
हनुमान जन्म की मान्यताएं: चैत्र पूर्णिमा: उत्तर भारत, महाराष्ट्र में प्रमुख। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी: कुछ दक्षिण भारतीय परंपराओं में। पिता: वायु देव (पवनपुत्र)। माता: अंजनी (आंजनेय)। जन्म स्थान: विवादित, कर्नाटक और महाराष्ट्र दोनों दावा करते हैं।