2026 शुभ मुहूर्त कैलेंडर

2026 के शुभ मुहूर्त पंचांग, ग्रह स्थिति और तिथि-नक्षत्र के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं। देव उठनी एकादशी (22 नवंबर 2026) के बाद विवाह का शुभ सीजन शुरू होगा। बृहस्पति कर्क में उच्च का है, जो 2026 को विशेष रूप से शुभ बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुहूर्त क्या होता है?

मुहूर्त वह शुभ समय-अवधि है जब किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत की जाती है। हिंदू ज्योतिष में मुहूर्त का निर्धारण तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण (पंचांग के पांच अंग), लग्न (उदित राशि), और ग्रहों की स्थिति के आधार पर होता है। शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य सफल, दीर्घायु और फलदायी होता है।

2026 में विवाह के लिए सबसे अच्छे महीने कौन से हैं?

2026 में विवाह के लिए सर्वोत्तम महीने: जनवरी-मई 2026 (बसंत विवाह सीजन), नवंबर 22-30, 2026 (देव उठनी एकादशी के बाद), दिसंबर 1-20, 2026 (धनुर्मास से पहले)। विशेष: बृहस्पति 2026 में कर्क में उच्च का है जो विवाह के लिए अत्यंत शुभ है। अप्रैल 21, 2026 (अक्षय तृतीया) स्वयंसिद्ध मुहूर्त है।

2026 में गृह प्रवेश के लिए शुभ महीने कौन से हैं?

गृह प्रवेश 2026 के लिए शुभ महीने: जनवरी 14 के बाद (मकर संक्रांति के बाद), फरवरी, मार्च, अप्रैल (अक्षय तृतीया तक), अक्टूबर-नवंबर (नवरात्रि और दीवाली के बाद)। बचें: जुलाई 17 से नवंबर 22 (चातुर्मास, देव शयन काल), सूर्य संक्रांति के दिन, अमावस्या और ग्रहण।

मुहूर्त में शुभ नक्षत्र कौन से होते हैं?

विवाह के लिए शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशीर्ष, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़, उत्तरभाद्रपद, रेवती। गृह प्रवेश के लिए: रोहिणी, मृगशीर्ष, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, धनिष्ठा, शतभिषा। व्यापार के लिए: अश्विनी, मृगशीर्ष, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, श्रवण, धनिष्ठा।

2026 में कौन से महीने मुहूर्त के लिए वर्जित हैं?

2026 में मुहूर्त के लिए वर्जित काल: चातुर्मास: 17 जुलाई (देव शयनी एकादशी) से 22 नवंबर (देव उठनी एकादशी)। धनुर्मास: 21 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027। मलमास/अधिक मास: यदि लागू हो। ग्रहण काल (सूर्य और चंद्र ग्रहण के दिन)। शुक्र अस्त काल।

वाहन खरीद के लिए 2026 में शुभ मुहूर्त कब है?

वाहन खरीद के लिए 2026 के प्रमुख मुहूर्त: धनतेरस: 18 अक्टूबर 2026 (सर्वश्रेष्ठ, पारंपरिक वाहन खरीद का दिन)। अक्षय तृतीया: 21 अप्रैल 2026 (स्वयंसिद्ध मुहूर्त)। शनि और मंगलवार को बचें। शुक्र वक्री (10 जुलाई से 6 सितंबर 2026) में वाहन खरीद से बचें।

नामकरण संस्कार 2026 के लिए मुहूर्त कैसे निकालें?

नामकरण संस्कार: जन्म के 11वें या 12वें दिन या किसी भी शुभ दिन। मुहूर्त देखें: शुभ तिथि (2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13), शुभ नक्षत्र, शुभ वार (सोम, बुध, गुरु, शुक्र)। परिवार की कुंडली और बच्चे की जन्म कुंडली के अनुसार ज्योतिषी से व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं।

मुहूर्त में राहु काल का क्या महत्व है?

राहु काल में शुभ कार्य वर्जित हैं। राहु काल के समय: सोमवार 7:30-9:00 बजे, मंगलवार 3:00-4:30 बजे, बुधवार 12:00-1:30 बजे, गुरुवार 1:30-3:00 बजे, शुक्रवार 10:30 बजे-12:00 बजे, शनिवार 9:00-10:30 बजे, रविवार 4:30-6:00 बजे। ये समय सूर्योदय 6:00 बजे और सूर्यास्त 6:00 बजे पर आधारित हैं। अपने स्थान के सूर्योदय के अनुसार समायोजन करें।

2026 में अक्षय तृतीया का मुहूर्त क्या है?

अक्षय तृतीया 2026: 21 अप्रैल 2026 (मंगलवार)। यह स्वयंसिद्ध मुहूर्त है अर्थात इस दिन पंचांग शुद्धि की आवश्यकता नहीं। इस दिन शुरू किए गए सभी कार्य अक्षय (अविनाशी) फल देते हैं। विशेष: विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत, सोना और संपत्ति की खरीद सभी अक्षय तृतीया पर शुभ हैं।