आज का शुभ मुहूर्त: अभिजित और पंचांग काल
हर दिन कुछ समय शुभ और कुछ समय अशुभ होता है। वैदिक ज्योतिष में अभिजित मुहूर्त (दोपहर 12 बजे), ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से 96 मिनट पहले), राहुकाल, यमगंड और गुलिककाल की गणना पंचांग से होती है। इन्हें जानकर दैनिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय चुना जाता है।
शुभ मुहूर्त के प्रकार
दैनिक शुभ मुहूर्त: ब्रह्म मुहूर्त: सूर्योदय से 96 मिनट पहले। अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12 बजे के आसपास (लगभग 48 मिनट)। विजय मुहूर्त: दोपहर 2-3 बजे। गोधूलि मुहूर्त: सूर्यास्त के समय। प्रदोष मुहूर्त: सूर्यास्त के 2 घंटे बाद तक।
अशुभ काल जो टालने चाहिए
दैनिक अशुभ काल: राहुकाल: प्रत्येक दिन 1.5 घंटे, वार अनुसार बदलता है। यमगंड: राहुकाल जैसा, अलग समय पर। गुलिककाल: 1.5 घंटे। काल वेला: कुछ समयों में विशेष सावधानी। अष्टम काल: अशुभ काल।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अभिजित मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त: स्थानीय दोपहर के आसपास 24-48 मिनट। प्रत्येक दिन: सूर्य के उच्चतम बिंदु पर। महत्व: बिना कुंडली, बिना पंचांग देखे किसी भी शुभ कार्य के लिए। "अभिजित" = विजयी मुहूर्त। बुधवार: अभिजित मुहूर्त कुछ परंपराओं में वर्जित।
राहुकाल कब-कब होता है?
राहुकाल (वार अनुसार): सोमवार: 7:30-9:00 बजे। मंगलवार: 3:00-4:30 बजे। बुधवार: 12:00-1:30 बजे। गुरुवार: 1:30-3:00 बजे। शुक्रवार: 10:30-12:00 बजे। शनिवार: 9:00-10:30 बजे। रविवार: 4:30-6:00 बजे। ध्यान: ये अनुमानित हैं, सूर्योदय के अनुसार बदलते हैं।
ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?
ब्रह्म मुहूर्त: समय: सूर्योदय से 96 मिनट (1.5-2 घंटे) पहले। उदाहरण: यदि सूर्योदय 6 बजे है तो ब्रह्म मुहूर्त 4:24 से 5:12 बजे। सर्वोत्तम: ध्यान, योग, पढ़ाई, शुभ संकल्प। 2026 में: ग्रीष्म में सूर्योदय 5:30 बजे, सर्दी में 7 बजे।
गोधूलि मुहूर्त क्या है?
गोधूलि मुहूर्त: समय: सूर्यास्त के 24 मिनट पहले और 24 मिनट बाद। "गोधूलि" = गायों के खुर से उड़ी धूल। महत्व: विवाह, गृह प्रवेश, शुभ प्रारंभ के लिए उत्तम। सायंकाल: दिन और रात के संधिकाल का शुभ समय। 2026 में: ग्रीष्म में 7 बजे, शीत में 5:30 बजे।
आज का शुभ मुहूर्त कैसे पता करें?
आज का मुहूर्त जानना: पंचांग देखें: दैनिक पंचांग से तिथि, नक्षत्र, वार देखें। ऑनलाइन: Vyom Vaani पर नवीनतम पंचांग। अभिजित: प्रत्येक दिन दोपहर के समय। राहुकाल: वार के अनुसार (ऊपर देखें)। महत्वपूर्ण कार्य: पंडित जी से परामर्श।
यमगंड और गुलिककाल क्या है?
यमगंड और गुलिककाल: यमगंड: यमराज का काल (1.5 घंटे, वार अनुसार)। गुलिककाल: मंदी का काल (1.5 घंटे)। दोनों में: नई शुरुआत, यात्रा, महत्वपूर्ण निर्णय टालें। रोज़ का समय: वार और सूर्योदय के अनुसार बदलता है। पंचांग: इनका सटीक समय स्थान-विशेष के पंचांग में।
विजय मुहूर्त क्या है?
विजय मुहूर्त: समय: दोपहर 2 बजे से 2:48 बजे (अनुमानित)। विजय: किसी भी काम में जीत का मुहूर्त। कोर्ट केस: विजय मुहूर्त पर दाखिल करें। परीक्षा: यदि विकल्प हो तो इस समय। सरकारी काम: विजय मुहूर्त पर जाएं। यात्रा: पूर्व दिशा की यात्रा विजय मुहूर्त पर।
2026 में आज का मुहूर्त जानने के लिए क्या करें?
आज का 2026 मुहूर्त: Vyom Vaani पर: नवीनतम पंचांग और मुहूर्त। स्थान अनुसार: अपने शहर का पंचांग देखें। App: पंचांग एप से स्थान सेट करके। ध्यान: अलग-अलग स्थानों पर राहुकाल और मुहूर्त अलग। 2026: बृहस्पति उच्च के कारण 2026 का हर दिन अन्य वर्षों से बेहतर।
पंचांग में पंच क्या हैं?
पंचांग के 5 अंग (पंच): तिथि: चंद्र दिवस (1-30)। वार: सप्ताह का दिन (सोम से रवि)। नक्षत्र: चंद्रमा का नक्षत्र (27 नक्षत्र)। योग: सूर्य और चंद्र का जोड़ (27 योग)। करण: आधी तिथि (11 करण)। इन पांचों का मेल शुभ हो = उत्तम मुहूर्त।