दक्षिण मुखी घर वास्तु: यम की दिशा
दक्षिण मुखी घर को अक्सर अशुभ माना जाता है क्योंकि दक्षिण दिशा यम (मृत्यु के देवता) की मानी जाती है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि दक्षिण मुखी घर के नियम सही से पालन किए जाएं तो यह घर भी सुख-समृद्धि दे सकता है।
दक्षिण मुखी घर के वास्तु नियम
दक्षिण मुखी घर में: मुख्य द्वार: दक्षिणी दीवार के दक्षिण-पश्चिम की तरफ (4था पाद)। भारी: दक्षिण और पश्चिम में। खुलापन: उत्तर और पूर्व में। पानी: उत्तर-पूर्व में। मुख्य द्वार: बिल्कुल दक्षिण में न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दक्षिण मुखी घर शुभ है या अशुभ?
दक्षिण मुखी घर: सामान्यतः: अशुभ माना जाता है। कारण: दक्षिण यम की दिशा। लेकिन: सही वास्तु नियम से शुभ हो सकता है। मंगल: मंगल के जातकों के लिए उचित। नियम: यदि द्वार सही हो तो समस्या नहीं।
दक्षिण मुखी घर में मुख्य द्वार कहां हो?
दक्षिण मुखी द्वार: सर्वोत्तम: दक्षिणी दीवार का 4था पाद (दक्षिण-पश्चिम की तरफ)। बुरा: बिल्कुल बीच में या दक्षिण-पूर्व में। वास्तु पाद: दक्षिणी दीवार को 9 भागों में बांटें, 4था भाग शुभ।
दक्षिण मुखी घर के लिए उपाय?
दक्षिण मुखी घर उपाय: हनुमान: मुख्य द्वार पर हनुमान जी। लाल बाधा: लाल रंग दक्षिण में। भारी: दक्षिण और पश्चिम में ज्यादा वजन। वास्तु दोष: यंत्र और मंत्र। नीम: घर के बाहर नीम का पेड़।
दक्षिण मुखी घर में रसोई?
दक्षिण मुखी रसोई: सर्वोत्तम: दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) में। ठीक: उत्तर-पश्चिम में। खाना बनाते समय: मुंह पूर्व की ओर। सावधानी: उत्तर-पूर्व में रसोई न हो।
दक्षिण मुखी घर के लिए रंग?
दक्षिण मुखी रंग: दक्षिण दिशा: लाल, नारंगी, गुलाबी। दक्षिणी दीवारें: हल्के लाल या मूंगा रंग। रसोई: नारंगी। शयनकक्ष: हल्के रंग। मुख्य द्वार: लकड़ी का रंग।
क्या दक्षिण मुखी घर में रहना चाहिए?
दक्षिण मुखी घर: यदि विकल्प हो: दूसरी दिशा चुनें। यदि मजबूरी हो: वास्तु नियम सही से पालन करें। वास्तुशास्त्री: घर खरीदने से पहले सलाह लें। उपाय: वास्तु दोष निवारण यंत्र और पूजा।
दक्षिण मुखी घर के वास्तु दोष?
दक्षिण मुखी दोष: द्वार बीच में: स्वास्थ्य समस्याएं। उत्तर-पूर्व में शौचालय: बड़ी समस्या। दक्षिण में पानी: यम का क्रोध। खुला दक्षिण: नकारात्मक ऊर्जा। उपाय: तुरंत वास्तुशास्त्री से सलाह।
दक्षिण मुखी घर किसके लिए ठीक है?
दक्षिण मुखी घर और राशि: मंगल के जातक: मेष, वृश्चिक। सेना, पुलिस, सर्जन। कुछ व्यापारी (लोहा, भूमि)। बच्चे: दक्षिण मुखी में खेल और साहस। सावधानी: वृद्ध और बीमार लोगों के लिए कम उपयुक्त।
दक्षिण मुखी घर में पूजा घर?
दक्षिण मुखी पूजा घर: सर्वोत्तम: उत्तर-पूर्व (ईशान) में। पूजा करते समय: मुंह पूर्व या उत्तर की ओर। पूजा घर दक्षिण में: न रखें। उत्तर-पूर्व: इस घर में ईशान का विशेष ध्यान रखें।