पश्चिम मुखी घर वास्तु: शनि और वरुण की दिशा
पश्चिम मुखी घर में मुख्य द्वार पश्चिम दिशा में होता है। पश्चिम दिशा वरुण (जल देव) और शनि की दिशा है। पश्चिम मुखी घर को मध्यम शुभ माना जाता है। यदि वास्तु नियम सही हों तो यह घर भी सुख-समृद्धि दे सकता है।
पश्चिम मुखी घर के नियम
पश्चिम मुखी घर: मुख्य द्वार: पश्चिमी दीवार के मध्य में या उत्तर-पश्चिम की तरफ। भारी: दक्षिण और पश्चिम में। पानी: उत्तर-पूर्व में। पूजा घर: उत्तर-पूर्व में। खिड़कियां: पूर्व और उत्तर में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पश्चिम मुखी घर शुभ है?
पश्चिम मुखी घर: मध्यम शुभ। पश्चिम: वरुण और शनि की दिशा। उचित नियम पालन: घर शुभ हो सकता है। खास लोगों के लिए: शनि के जातक, IT पेशेवर, तकनीशियन। 2026: शनि कुंभ में, पश्चिम मुखी घर में रहने वालों को लाभ।
पश्चिम मुखी घर में मुख्य द्वार?
पश्चिम मुखी द्वार: सर्वोत्तम: पश्चिमी दीवार के बीच में या उत्तर-पश्चिम की तरफ। वास्तु पाद: पश्चिमी दीवार का 5वां पाद (बीच में)। द्वार: बड़ा और खुला होना चाहिए।
पश्चिम मुखी घर में रसोई?
पश्चिम मुखी रसोई: सर्वोत्तम: दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण)। ठीक: उत्तर-पश्चिम। बुरा: उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम। खाना बनाते समय: मुंह पूर्व की ओर।
पश्चिम मुखी घर के फायदे?
पश्चिम मुखी घर लाभ: शांति: शाम को सूरज की रोशनी, सुबह शांति। काम: घर में शांत कामकाजी माहौल। शनि: शनि के जातकों के लिए। धैर्य: पश्चिम दिशा में धैर्य और स्थिरता।
पश्चिम मुखी घर में शयनकक्ष?
पश्चिम मुखी शयनकक्ष: मास्टर बेडरूम: दक्षिण-पश्चिम में। बच्चों का: पश्चिम में। सोते समय सिर: दक्षिण या पूर्व की ओर। शयनकक्ष: उत्तर-पूर्व में न बनाएं।
पश्चिम मुखी घर के लिए रंग?
पश्चिम मुखी रंग: पश्चिम दिशा: नीला, काला, बैंगनी (लेकिन हल्का)। दीवारें: सफेद या क्रीम। रसोई: नारंगी। पूजा घर: पीला, सफेद। मुख्य द्वार: लकड़ी का रंग।
पश्चिम मुखी घर में वास्तु दोष?
पश्चिम मुखी वास्तु दोष: उत्तर-पूर्व में शौचालय: सबसे बुरा। पश्चिम में पानी की टंकी: ठीक नहीं। दक्षिण में खाली: नकारात्मक ऊर्जा। उपाय: वास्तु यंत्र और वास्तुशास्त्री से सलाह।
पश्चिम मुखी घर किसके लिए?
पश्चिम मुखी घर: शनि के जातक: मकर, कुंभ। IT और तकनीक। अनुसंधानकर्ता। शिक्षक। कुछ व्यापारी। 2026: शनि कुंभ में, पश्चिम मुखी घर में IT पेशेवरों के लिए विशेष।
पश्चिम मुखी घर में पूजा घर?
पश्चिम मुखी पूजा घर: उत्तर-पूर्व: ईशान कोण में। पूजा करते समय: पूर्व या उत्तर मुख। शनि: शनिवार को शनि पूजा। हनुमान: पश्चिम मुखी में हनुमान जी शुभ।