धनतेरस 2026: धन और समृद्धि का पर्व

धनतेरस 2026: 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार), कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी। दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाने वाला यह पर्व भगवान धन्वंतरि (आयुर्वेद के देव) के जन्मोत्सव का दिन है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और वाहन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।

धनतेरस 2026 की तिथि और खरीदारी मुहूर्त

धनतेरस 2026: 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार), कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी। खरीदारी का शुभ समय: प्रदोष काल (सूर्यास्त के 1-2 घंटे बाद)। मंगलवार को धनतेरस: मंगल और धन दोनों का संयोग।

धनतेरस पर क्या खरीदें

धनतेरस खरीदारी: सोना और चांदी: धनतेरस का सबसे शुभ खरीद। बर्तन: नए तांबे, चांदी, पीतल के बर्तन। वाहन: नई कार, बाइक। इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल, टीवी, फ्रिज। झाड़ू: लक्ष्मी को आमंत्रण देने के लिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस 2026 कब है?

धनतेरस 2026: 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार), कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी। दीपावली (21 अक्टूबर) के एक दिन पहले। 2026 में मंगलवार को धनतेरस: मंगल धन और साहस का कारक।

धनतेरस पर सोना खरीदना क्यों शुभ है?

धनतेरस और सोना: मान्यता: धनतेरस पर खरीदा सोना तेरह गुना बढ़ता है (त्रयोदशी = 13)। धन्वंतरि: सोने के कलश के साथ प्रकट हुए थे। परंपरा: धनतेरस पर सोना न खरीद पाएं तो चांदी, तांबे के बर्तन या झाड़ू लाएं। 2026 में: बृहस्पति उच्च के वर्ष में धनतेरस खरीद विशेष लाभदायक।

धन्वंतरि पूजा धनतेरस पर कैसे करें?

धन्वंतरि पूजा 2026: शाम को: धन्वंतरि (आयुर्वेद के देव, विष्णु के अवतार) की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पूजा: पीले फूल, हल्दी, केला, पंचामृत। मंत्र: ओम नमो भगवते धन्वंतरये। आरोग्य कामना: धन्वंतरि पूजा स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए। दवाई: चिकित्सक और औषधालय इस दिन आयुर्वेद की पूजा करते हैं।

यम दीपक धनतेरस पर क्यों जलाते हैं?

यम दीपक परंपरा: धनतेरस की रात: घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा में 1 दीपक जलाएं। यम की दिशा: दक्षिण यमराज की दिशा है। उद्देश्य: अकाल मृत्यु से रक्षा। परिवार के लिए: परिवार के सभी सदस्यों की दीर्घायु की कामना। एक रात: यह दीपक केवल धनतेरस की रात जलाया जाता है।

धनतेरस और राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का क्या संबंध है?

धनतेरस और आयुर्वेद दिवस: भगवान धन्वंतरि: आयुर्वेद के जनक। भारत सरकार: धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस (National Ayurveda Day) घोषित किया है। 2026 में: 20 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस। आयुर्वेदिक सेवाएं: इस दिन आयुर्वेद की मुफ्त सेवाएं और जागरूकता कार्यक्रम होते हैं।

धनतेरस पर झाड़ू खरीदना क्यों शुभ माना जाता है?

धनतेरस और झाड़ू: लक्ष्मी को आमंत्रण: झाड़ू से घर की सफाई करके लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है। नई झाड़ू: दीपावली से पहले नई झाड़ू लाना शुभ। परंपरा: झाड़ू पर लक्ष्मी का वास माना जाता है। ध्यान: झाड़ू को पैर से न लगाएं, यह लक्ष्मी का अपमान माना जाता है।

धनतेरस 2026 के शुभ मुहूर्त कौन से हैं?

धनतेरस 2026 खरीदारी मुहूर्त: प्रदोष काल: सूर्यास्त (लगभग 6 बजे) के बाद 1-2 घंटे। वृषभ लग्न: यदि संभव हो तो वृषभ लग्न में खरीदारी करें। त्रयोदशी: 20 अक्टूबर 2026 पूरे दिन धनतेरस। सर्वोत्तम: 20 अक्टूबर की शाम 6 से रात 8 बजे के बीच।

कुबेर पूजा धनतेरस पर कैसे करें?

धनतेरस कुबेर पूजा: कुबेर: धन के देवता। पूजा: कुबेर की मूर्ति को उत्तर दिशा में स्थापित करें। सोना या चांदी: कुबेर के सामने रखें। मंत्र: ओम यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्य अधिपतये। तिजोरी: तिजोरी को साफ करके नए नोट और सोना रखें। चावल: कुबेर को चावल और मिठाई का भोग।

धनतेरस 2026 में ज्योतिषीय विशेषता?

2026 धनतेरस ज्योतिष: मंगलवार + त्रयोदशी: मंगल की शक्ति के साथ। बृहस्पति उच्च (कर्क): धन और समृद्धि के लिए उच्च बृहस्पति अत्यंत शुभ। 2026 का दीपावली क्लस्टर: 20-23 अक्टूबर: धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन, भाई दूज - सभी बृहस्पति उच्च के साथ। 12 वर्षों में एक बार ऐसा संयोग।