कार्तिक पूर्णिमा 2026: देव दीपावली
कार्तिक पूर्णिमा 2026: 5 नवंबर 2026 (गुरुवार)। इसे देव दीपावली भी कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन सभी देवता स्वर्ग से उतरकर गंगा में स्नान करते हैं और घाटों पर दीप जलाते हैं। वाराणसी के गंगा घाट पर इस दिन भव्य देव दीपावली मनाई जाती है।
कार्तिक पूर्णिमा 2026 की तिथि
कार्तिक पूर्णिमा 2026: 5 नवंबर 2026 (गुरुवार)। गुरुवार: बृहस्पति का दिन। बृहस्पति 2026 में उच्च (कर्क): कार्तिक पूर्णिमा पर उच्च बृहस्पति, गुरुवार, और पूर्णिमा: तीन शुभ संयोग।
देव दीपावली 2026 वाराणसी में
वाराणसी देव दीपावली 2026: 5 नवंबर 2026 की शाम: घाटों पर लाखों दीप। 84 घाट: सभी घाट दीपों से जगमगाते हैं। नाव में बैठकर: गंगा से दोनों तटों के दृश्य अलौकिक।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कार्तिक पूर्णिमा 2026 कब है?
कार्तिक पूर्णिमा 2026: 5 नवंबर 2026 (गुरुवार), कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा। 2026 में गुरुवार को कार्तिक पूर्णिमा: उच्च बृहस्पति के साथ गुरुवार - दोहरा शुभ योग। देव उठनी एकादशी (22 नवंबर) से पहले: इस पूर्णिमा पर देव अभी नींद में हैं।
देव दीपावली और दीपावली में क्या अंतर है?
देव दीपावली और दीपावली: दीपावली: कार्तिक अमावस्या पर (21 अक्टूबर 2026)। मानव दीपावली। देव दीपावली: कार्तिक पूर्णिमा पर (5 नवंबर 2026)। देवताओं की दीपावली। दोनों में: दीप जलाना और उत्सव। दोनों में अंतर: देव दीपावली गंगा तट पर होती है, आकाश में तारों की तरह घाट जगमगाते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर क्या करें?
कार्तिक पूर्णिमा पर: गंगा स्नान: सुबह पवित्र नदी में स्नान। दीप दान: शाम को गंगा में दीप छोड़ें। विष्णु पूजा: कार्तिक माह में विष्णु पूजा का विशेष महत्व। तुलसी पूजा: तुलसी के सामने दीप जलाएं। दान: ब्राह्मण को भोजन और दक्षिणा।
त्रिपुरी पूर्णिमा का क्या अर्थ है?
त्रिपुरी पूर्णिमा: कार्तिक पूर्णिमा को "त्रिपुरी पूर्णिमा" भी कहते हैं। कारण: इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर (तीन राक्षसों) का वध किया था। देवताओं ने उत्सव मनाया: दीप जलाए। इसीलिए: देव दीपावली के रूप में मनाते हैं।
सिख धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का क्या महत्व है?
सिख धर्म और कार्तिक पूर्णिमा: गुरु नानक जयंती: सिख धर्म के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव जी का जन्मदिन भी कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है। 2026 में: 5 नवंबर 2026 को गुरु नानक जयंती और देव दीपावली एक साथ। स्वर्ण मंदिर (अमृतसर): गुरु नानक जयंती पर विशेष रोशनी और लंगर।
बौद्ध धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का क्या महत्व है?
बौद्ध धर्म और कार्तिक पूर्णिमा: थाईलैंड, म्यांमार: "Kathina Puja" के रूप में मनाते हैं। बौद्ध भिक्षुओं को: नए चीवर (वस्त्र) दान किए जाते हैं। अशोक स्तूप: सारनाथ में विशेष बौद्ध उत्सव। 2026 में: सिख, हिंदू और बौद्ध तीनों परंपराओं के लिए 5 नवंबर विशेष।
वाराणसी देव दीपावली 2026 में कैसे जाएं?
वाराणसी देव दीपावली 2026 यात्रा: कब: 5 नवंबर 2026 (गुरुवार)। होटल बुकिंग: एक महीना पहले करें (बहुत भीड़)। घाट: दशाश्वमेध, अस्सी, मणिकर्णिका - सभी भव्य। नाव: गंगा में नाव से दृश्य सर्वश्रेष्ठ। समय: शाम 5 से रात 9 बजे तक। ट्रेन: वाराणसी (BSB) या काशी (KEI) स्टेशन।
कार्तिक पूर्णिमा 2026 में ज्योतिषीय विशेषता?
2026 कार्तिक पूर्णिमा ज्योतिष: गुरुवार + कार्तिक पूर्णिमा: अत्यंत शुभ। बृहस्पति उच्च (कर्क): कार्तिक पूर्णिमा पर उच्च बृहस्पति - 12 वर्षों में एक बार। शनि कुंभ: देव उठनी के पहले की पूर्णिमा। देव शयनी काल: देव अभी निद्रा में हैं, इस पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक महत्व।
कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान कैसे करें?
कार्तिक पूर्णिमा दीपदान: शाम को: नदी या तालाब के किनारे जाएं। दीपक: मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल या घी डालें। फूल और अक्षत: दीपक के पास रखें। मंत्र: ओम नमो नारायणाय। छोड़ें: दीपक को जल में प्रवाहित करें। 5, 11, या 21 दीप: जितना हो सके उतने दीप दान करें।