नाग पंचमी 2026: नाग देवता पूजन

नाग पंचमी 2026: 29 जुलाई 2026 (बुधवार), श्रावण शुक्ल पंचमी। यह नाग देवताओं की पूजा का पावन पर्व है। श्रावण मास में इसका विशेष महत्व है। केतु ग्रह (जो नाग का प्रतिनिधित्व करता है) 18 जुलाई से सिंह राशि में आ चुका होगा - इस पृष्ठभूमि में 2026 की नाग पंचमी और भी विशेष है।

नाग पंचमी 2026 की तिथि

नाग पंचमी 2026: 29 जुलाई 2026 (बुधवार), श्रावण शुक्ल पंचमी। पूजा समय: सुबह 6 से 12 बजे सर्वश्रेष्ठ।

नाग पंचमी पूजा विधि

नाग की मूर्ति या चित्र: घर के मुख्य द्वार पर। दूध अर्पण: कच्चे दूध से नाग को अभिषेक। फूल: नाग को हल्दी, रोली, फूल चढ़ाएं। दीपक: नाग की मूर्ति के सामने घी का दीपक। मंत्र: ओम नागराजाय नमः।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाग पंचमी 2026 कब है?

नाग पंचमी 2026: 29 जुलाई 2026 (बुधवार), श्रावण शुक्ल पंचमी। श्रावण मास में नाग पंचमी का विशेष महत्व है। 2026 में केतु ग्रह 18 जुलाई से सिंह राशि में है, जो राहु-केतु की नाग-शक्ति को और प्रबल बनाता है।

नाग पंचमी पर दूध क्यों चढ़ाते हैं?

नाग पंचमी पर दूध: मान्यता: नाग देवता दूध पीते हैं और दूध उनकी पूजा का प्रमुख अंग है। पौराणिक संदर्भ: भगवान शिव के गले में नाग विराजित हैं और शिव को दूध प्रिय है। वैज्ञानिक पक्ष: वास्तव में सांप दूध नहीं पी सकते, यह प्रतीकात्मक परंपरा है।

नाग पंचमी पर कौन सा मंत्र जपें?

नाग पंचमी के मंत्र: ओम नागराजाय नमः। ओम नमः शिवाय (नाग शिव के भक्त हैं)। नाग गायत्री: ओम नागकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि। सर्प भय निवारण: ओम कुरुकुल्ले हुं फट् स्वाहा।

नाग पंचमी और राहु-केतु का क्या संबंध है?

नाग पंचमी और राहु-केतु: ज्योतिष में राहु को शेषनाग का मुख और केतु को उसकी पूंछ माना जाता है। नाग पंचमी: राहु-केतु की शांति के लिए सर्वोत्तम दिन। 2026 में: केतु 18 जुलाई से सिंह में है। नाग पंचमी (29 जुलाई) पर केतु शांति पूजा विशेष फलदायी।

नाग पंचमी पर क्या नहीं करना चाहिए?

नाग पंचमी पर वर्जित: इस दिन जमीन मत खोदें (सांप को नुकसान हो सकता है)। लोहे का उपयोग न करें। कृषि कार्य स्थगित करें। सांप को कभी नुकसान न पहुंचाएं। खेतों में कीटनाशक का प्रयोग न करें।

नाग पंचमी पर काल सर्प दोष की शांति कैसे करें?

काल सर्प दोष शांति - नाग पंचमी पर: यह नाग पंचमी काल सर्प दोष निवारण के लिए सर्वोत्तम दिन है। नाशिक (त्र्यंबकेश्वर) में: काल सर्प दोष पूजा के लिए प्रसिद्ध स्थान। पूजा: 12 नाग देवताओं की पूजा और रुद्राभिषेक। 2026: केतु सिंह + राहु कुंभ - काल सर्प दोष शांति के लिए विशेष वर्ष।

नाग पंचमी पर उपवास कैसे करें?

नाग पंचमी व्रत: यह व्रत विशेष रूप से महिलाएं अपने भाइयों और परिवार की सुरक्षा के लिए करती हैं। उपवास: दिनभर फलाहार या एकवक्त भोजन। पूजन: सुबह नाग देवता की पूजा। नाग पंचमी के दिन: साँप या नाग को कोई नुकसान न पहुंचाएं।

नाग पंचमी के 12 नागों के नाम क्या हैं?

12 नाग देवताओं के नाम: अनंत, वासुकि, शेषनाग, पद्मनाभ, कंबल, शंखपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक, कालिया, एलापत्र, पिंगल, कारकोटक। इन 12 नागों की पूजा नाग पंचमी पर करने से सर्प भय, राहु-केतु दोष, और काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है।

नाग पंचमी पर 2026 में ज्योतिषीय विशेषता क्या है?

2026 नाग पंचमी ज्योतिष: केतु 18 जुलाई से सिंह राशि में (नाग का प्रतिनिधि ग्रह नई राशि में)। राहु कुंभ में (18 जुलाई से)। नाग पंचमी 29 जुलाई: केतु के सिंह प्रवेश के 11 दिन बाद। विशेष महत्व: 2026 में नाग पंचमी पर राहु-केतु नई राशियों में हैं, काल सर्प दोष शांति और केतु शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली दिन।