पंचांग 2026: हिंदू कैलेंडर की मुख्य तिथियां
पंचांग 2026 में ग्रहों की विशेष स्थिति है। बृहस्पति मई से कर्क (उच्च) में, शनि कुंभ (स्वराशि) में, और राहु-केतु का 18 जुलाई को मीन-कन्या से कुंभ-सिंह में परिवर्तन। शुक्र 10 जुलाई से 6 सितंबर तक वक्री। इन स्थितियों को ध्यान में रखकर 2026 का शुभ मुहूर्त निकालें।
2026 के प्रमुख त्योहार
2026 हिंदू पंचांग: मकर संक्रांति: 14 जनवरी। बसंत पंचमी: 25 जनवरी। महाशिवरात्रि: 26 फरवरी। होली: 4 मार्च। उगादी/गुड़ी पड़वा: 30 मार्च। अक्षय तृतीया: 22 अप्रैल। बुद्ध पूर्णिमा: 12 मई। गंगा दशहरा: 27 जून। रक्षा बंधन: 23 अगस्त। जन्माष्टमी: 31 अगस्त। नवरात्रि: 18 सितंबर। दशहरा: 1 अक्टूबर। दिवाली: 20 अक्टूबर। छठ पूजा: 23-26 अक्टूबर।
2026 में शुभ मुहूर्त के प्रमुख काल
शुभ मुहूर्त 2026: विवाह: जनवरी-फरवरी, अप्रैल-जून, नवंबर-दिसंबर। गृह प्रवेश: बृहस्पति उच्च (मई-दिसंबर) में विशेष। व्यापार: जनवरी-जून अनुकूल। देव शयनी एकादशी: 17 जुलाई से चातुर्मास। देव उठनी एकादशी: 22 नवंबर। शुक्र वक्री: जुलाई-सितंबर में विवाह-व्यापार से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंचांग क्या है और इसमें क्या होता है?
पंचांग (पंच = पांच, अंग = भाग): 5 अंगों से बना। तिथि: चंद्र दिन। वार: सप्ताह का दिन। नक्षत्र: चंद्रमा जिस तारासमूह में। योग: सूर्य-चंद्र का संयोग। करण: तिथि का आधा भाग। इन्हें मिलाकर शुभ-अशुभ समय निकालते हैं।
2026 का पंचांग कैसे खास है?
2026 पंचांग विशेषता: बृहस्पति उच्च (कर्क, मई से): 12 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ। शनि स्वराशि (कुंभ): अनुशासन और कड़ी मेहनत का फल। राहु-केतु परिवर्तन: 18 जुलाई, कुंभ-सिंह में। शुक्र वक्री: 10 जुलाई से 6 सितंबर। देव शयनी: 17 जुलाई (विष्णु 4 माह के लिए सोते हैं)।
2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त कब हैं?
2026 शादी मुहूर्त: जनवरी: 17, 18, 20, 22, 26, 27, 29, 30। फरवरी: 1, 5, 8, 12, 14, 15। अप्रैल: 21, 22, 24, 25, 27, 29। मई: 3, 5, 7, 8, 12, 14। जून: 1-13 (कुछ तिथि)। नवंबर-दिसंबर: देव उठनी (22 नवंबर) के बाद। बचें: देव शयनी (17 जुलाई) से देव उठनी (22 नवंबर) तक।
चातुर्मास 2026 कब है?
2026 चातुर्मास: शुरू: देव शयनी एकादशी, 17 जुलाई 2026 (आषाढ़ शुक्ल एकादशी)। समाप्त: देव उठनी एकादशी, 22 नवंबर 2026 (कार्तिक शुक्ल एकादशी)। इस दौरान: विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्य नहीं होते। भक्ति: इस काल में व्रत, पूजा, जप का विशेष महत्व।
2026 में राहु-केतु परिवर्तन का प्रभाव?
राहु-केतु 2026: 18 जुलाई तक: राहु मीन में, केतु कन्या में। 18 जुलाई से 2027: राहु कुंभ में, केतु सिंह में। मीन: आध्यात्मिकता। कुंभ: तकनीक, IT में बड़े परिवर्तन। सिंह: राजनीति, मनोरंजन। कन्या से सिंह: केतु सेवा से आत्म-अभिव्यक्ति की ओर।
2026 में अमावस्या और पूर्णिमा की प्रमुख तिथियां?
2026 अमावस्या: 29 जनवरी, 27 फरवरी, 29 मार्च, 27 अप्रैल, 27 मई, 25 जून, 24 जुलाई, 23 अगस्त, 21 सितंबर, 20 अक्टूबर (दिवाली), 19 नवंबर, 19 दिसंबर। 2026 पूर्णिमा: 12 मई (बुद्ध पूर्णिमा), 11 जून, 10 जुलाई, 9 अगस्त (रक्षा बंधन), 7 नवंबर (कार्तिक पूर्णिमा)।
2026 में कौन से महीने ज्यादा शुभ हैं?
2026 शुभ महीने: जनवरी-फरवरी: विवाह का मौसम, बृहस्पति अनुकूल। अप्रैल-जून: अक्षय तृतीया से बृहस्पति उच्च तक, सर्वश्रेष्ठ। मई: बृहस्पति उच्च में प्रवेश (मई)। नवंबर-दिसंबर: चातुर्मास के बाद, विवाह का नया मौसम। बचें: जुलाई-अक्टूबर (चातुर्मास और शुक्र वक्री)।
गुरु पुष्य योग 2026 कब है?
गुरु पुष्य योग 2026: गुरुवार + पुष्य नक्षत्र: सर्वश्रेष्ठ शुभ योग। सोना खरीदना, नया काम शुरू करना, दवाई लेना: गुरु पुष्य में। रवि पुष्य: रविवार + पुष्य नक्षत्र (भी बहुत शुभ)। पंचांग: इस दिन की जानकारी के लिए वार्षिक पंचांग या ऐप देखें।
अभिजित मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त: प्रतिदिन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त। समय: दोपहर 11:45 से 12:30 (लगभग 48 मिनट)। महत्व: कोई भी शुभ काम इस समय शुरू करें। बुधवार: बुधवार को अभिजित नहीं होता (परंपरागत मत)। 2026: किसी भी दिन जब और मुहूर्त न हो, अभिजित मुहूर्त उपयोग करें।