नवंबर 2026 पंचांग: हिंदू कैलेंडर
हिंदी माह: कार्तिक-मार्गशीर्ष | मुख्य: देव उठनी एकादशी (22), तुलसी विवाह, गुरु पर्व (3 नवंबर), विवाह मुहूर्त शुरू
| तिथि | त्योहार / कार्यक्रम | विशेष |
|---|---|---|
| 3 नवंबर | कार्तिक पूर्णिमा / गुरु पर्व 2026 | गुरु नानक देव जी की 556वीं जन्म जयंती, देव दीपावली |
| 9 नवंबर | उत्पन्ना एकादशी | मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी |
| 18 नवंबर | मार्गशीर्ष अमावस्या | पितृ तर्पण |
| 22 नवंबर | देव उठनी एकादशी / प्रबोधिनी एकादशी | विष्णु जागरण, चातुर्मास समाप्त, विवाह मुहूर्त प्रारंभ |
| 23 नवंबर | तुलसी विवाह | तुलसी-शालिग्राम विवाह, विवाह सीजन का आधिकारिक शुभारंभ |
| 30 नवंबर | मार्गशीर्ष पूर्णिमा | दत्तात्रेय जयंती |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
देव उठनी एकादशी 2026 कब है?
देव उठनी एकादशी 2026: 22 नवंबर 2026 (रविवार), कार्तिक शुक्ल एकादशी। इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। इसी दिन से: चातुर्मास समाप्त होता है (17 जुलाई से 22 नवंबर तक था)। विवाह, गृह प्रवेश, और अन्य शुभ संस्कार फिर से शुरू हो सकते हैं।
तुलसी विवाह 2026 कब है?
तुलसी विवाह 2026: 23 नवंबर 2026 (सोमवार), कार्तिक शुक्ल द्वादशी। तुलसी माता (पवित्र तुलसी पौधा) का भगवान विष्णु (शालिग्राम) के साथ विवाह समारोह। महत्व: इस दिन से हिंदू विवाह सीजन आधिकारिक रूप से शुरू होता है। घर की तुलसी को दुल्हन की तरह सजाएं, विवाह मंत्रों के साथ समारोह करें।
गुरु पर्व 2026 कब है?
गुरु पर्व (गुरु नानक जयंती) 2026: 3 नवंबर 2026 (मंगलवार), 556वां प्रकाश पर्व। कार्तिक पूर्णिमा के दिन। 2026 में विशेष: गुरु पर्व और देव दीपावली एक ही दिन (3 नवंबर, कार्तिक पूर्णिमा)। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर, नानकाना साहिब (पाकिस्तान) और वाराणसी के घाट पर लाखों दीप जलाए जाते हैं।
नवंबर 2026 में विवाह के लिए सर्वोत्तम दिन कौन से हैं?
नवंबर 2026 विवाह मुहूर्त (22 नवंबर के बाद): 22 नवंबर: देव उठनी एकादशी (स्वयंसिद्ध)। 23 नवंबर: तुलसी विवाह (विवाह सीजन प्रारंभ)। 25, 27, 28, 30 नवंबर: शुभ विवाह दिन। नोट: सटीक लग्न मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग और ज्योतिषी से परामर्श लें। बृहस्पति (उच्च, कर्क में) के कारण 2026 के नवंबर-दिसंबर विवाह विशेष रूप से शुभ।
देव दीपावली 2026 कब है?
देव दीपावली 2026: 3 नवंबर 2026 (मंगलवार), कार्तिक पूर्णिमा। देव दीपावली वह उत्सव है जब देवता स्वयं दीपावली मनाते हैं। वाराणसी में: गंगा के घाटों पर लाखों दीप जलाए जाते हैं जो अत्यंत मनोरम दृश्य बनाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, तुलसी दीप, और आकाश दीप का विशेष महत्व।
कार्तिक पूर्णिमा 2026 पर क्या करें?
कार्तिक पूर्णिमा 2026 (3 नवंबर 2026) पर: पवित्र नदी में स्नान (गंगा, यमुना, पुष्कर)। दीपदान: नदी के घाटों पर दीपक प्रवाहित करें। सत्यनारायण पूजा। दान: वस्त्र, दीपक और तेल का दान। पुष्कर मेला: राजस्थान में दुनिया का सबसे बड़ा ऊंट मेला कार्तिक पूर्णिमा पर समाप्त होता है।
नवंबर 2026 में गृह प्रवेश के लिए कौन से दिन शुभ हैं?
नवंबर 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त (22 नवंबर के बाद): 22 नवंबर: देव उठनी एकादशी (स्वयंसिद्ध, सर्वश्रेष्ठ)। 23 नवंबर: तुलसी विवाह का दिन (अत्यंत शुभ)। 25-30 नवंबर: अनुकूल। बृहस्पति उच्च (कर्क, 4था घर) के कारण नवंबर 2026 में गृह प्रवेश विशेष लाभकारी।
मार्गशीर्ष माह का क्या महत्व है?
मार्गशीर्ष माह (22 नवंबर - 21 दिसंबर 2026): श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने कहा: 'महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूं।' (अध्याय 10, श्लोक 35)। इसलिए मार्गशीर्ष कृष्ण भक्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ माह है। विशेष: सत्यनारायण पूजा, संपूर्ण भगवद्गीता पाठ, और वैष्णव उत्सव इस माह में विशेष।
उत्पन्ना एकादशी 2026 कब है?
उत्पन्ना एकादशी 2026: 9 नवंबर 2026 (सोमवार), मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी। यह एकादशी देवी एकादशी की उत्पत्ति का दिन है (जब देवी ने मुर असुर का वध किया)। एकादशी व्रत: इस दिन उपवास रखकर विष्णु की पूजा करें। अगले दिन द्वादशी को पारण करें। इस एकादशी के व्रत से संसार के समस्त पापों का नाश होता है।