अक्टूबर 2026 पंचांग: हिंदू कैलेंडर
हिंदी माह: आश्विन-कार्तिक | मुख्य: करवा चौथ (7), धनतेरस (18), दीपावली (20), छठ पूजा (22-25), भाई दूज
| तिथि | त्योहार / कार्यक्रम | विशेष |
|---|---|---|
| 5 अक्टूबर | शरद पूर्णिमा (कोजागरी) | वर्ष की सबसे सुंदर पूर्णिमा, खीर रखने की परंपरा |
| 7 अक्टूबर | करवा चौथ | सुहागिन स्त्रियों का निर्जला व्रत |
| 15 अक्टूबर | अहोई अष्टमी | माताओं का संतान के लिए व्रत |
| 18 अक्टूबर | धनतेरस (धनवंतरी त्रयोदशी) | सोना-चांदी-बर्तन खरीदने का दिन |
| 19 अक्टूबर | छोटी दीवाली / नरक चतुर्दशी | कृष्ण ने नरकासुर का वध किया |
| 20 अक्टूबर | दीपावली / लक्ष्मी पूजन | रोशनी का पर्व, धन-समृद्धि की देवी का आगमन |
| 21 अक्टूबर | गोवर्धन पूजा / अन्नकूट | कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया |
| 22 अक्टूबर | भाई दूज / छठ पूजा - नहाय खाय | भाई-बहन पर्व और छठ व्रत का प्रारंभ |
| 25 अक्टूबर | छठ उषा अर्घ्य (समापन) | उगते सूर्य को अर्घ्य, छठ पर्व संपन्न |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दीपावली 2026 कब है?
दीपावली 2026: 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार), कार्तिक अमावस्या। 5 दिवसीय दीपावली कैलेंडर: 18 अक्टूबर: धनतेरस। 19 अक्टूबर: छोटी दीवाली (नरक चतुर्दशी)। 20 अक्टूबर: दीपावली (लक्ष्मी पूजन)। 21 अक्टूबर: गोवर्धन पूजा। 22 अक्टूबर: भाई दूज। लक्ष्मी पूजन का शुभ समय: प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद 1.5 घंटे)।
करवा चौथ 2026 कब है?
करवा चौथ 2026: 7 अक्टूबर 2026 (बुधवार), कार्तिक कृष्ण चतुर्थी। निर्जला व्रत: सूर्योदय से पहले सरगी (सास द्वारा दी जाने वाली भोजन सामग्री) खाने के बाद दिन भर का उपवास। व्रत खोलें: चंद्रमा देखने के बाद (लगभग 8-9 बजे)। करवा चौथ पूजा: अन्य महिलाओं के साथ मिलकर शाम को करवा माता की पूजा करें।
धनतेरस 2026 पर क्या खरीदें?
धनतेरस 2026: 18 अक्टूबर 2026 (रविवार)। खरीदें: सोना और चांदी (सिक्के, ज्वेलरी, बार)। चांदी के बर्तन और उपकरण। इलेक्ट्रॉनिक्स और नई वस्तुएं। नई झाड़ू (लक्ष्मी जी का स्वागत)। दीपक और मोमबत्तियां। न खरीदें: लोहे और काली वस्तुएं। धनतेरस संध्या पूजा: दक्षिण दिशा में 13 दीपक जलाएं (यमराज के लिए), भगवान धनवंतरी और लक्ष्मी जी की पूजा।
छठ पूजा 2026 का कार्यक्रम क्या है?
छठ पूजा 2026 का 4 दिवसीय कार्यक्रम: दिन 1 - नहाय खाय: 22 अक्टूबर (गुरुवार), पवित्र स्नान और शुद्ध भोजन। दिन 2 - खरना: 23 अक्टूबर (शुक्रवार), दिनभर उपवास, शाम को खीर-रोटी का प्रसाद। दिन 3 - संध्या अर्घ्य: 24 अक्टूबर (शनिवार), सूर्यास्त पर सूर्य को अर्घ्य। दिन 4 - उषा अर्घ्य: 25 अक्टूबर (रविवार), सूर्योदय पर अर्घ्य, व्रत समाप्ति।
शरद पूर्णिमा 2026 पर खीर क्यों रखते हैं?
शरद पूर्णिमा 2026: 5 अक्टूबर 2026 (सोमवार), आश्विन शुक्ल पूर्णिमा। चंद्रमा इस रात सबसे चमकीला और पृथ्वी के सबसे करीब होता है। परंपरा: चावल-दूध की खीर बनाकर चांदनी में रखें, अगली सुबह खाएं। मान्यता: शरद पूर्णिमा की चांदनी में खीर रखने से चंद्रमा की ऊर्जा (अमृत) खीर में आती है जो आरोग्य देती है। वैज्ञानिक: चंद्रमा की किरणें इस रात विशेष आयुर्वेदिक गुण रखती हैं।
गोवर्धन पूजा 2026 कब है?
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 2026: 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार), दीपावली के अगले दिन। भगवान कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था। परंपराएं: गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं। गाय और बैल का श्रृंगार करके पूजा। अन्नकूट: 56 व्यंजनों का भोग (छप्पन भोग)। मथुरा-वृंदावन: गोवर्धन की परिक्रमा का विशाल आयोजन।
भाई दूज 2026 कब है?
भाई दूज 2026: 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार), कार्तिक शुक्ल द्वितीया। इसे यम द्वितीया भी कहते हैं (यमुना ने यमराज को भोजन कराया था)। विधि: बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है। भाई को नारियल, मिठाई और उपहार देती है। भाई बहन को उपहार और दक्षिणा देता है। इसी दिन छठ पूजा का नहाय खाय भी है।
अहोई अष्टमी 2026 कब है?
अहोई अष्टमी 2026: 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार), कार्तिक कृष्ण अष्टमी। यह व्रत माताएं अपने पुत्रों के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए रखती हैं। व्रत: सूर्योदय से पहले उठकर शुरू, तारे निकलने पर समाप्त। अहोई माता: दीवार पर अहोई माता (एक माँ के साथ 7 बच्चों की आकृति) का चित्र बनाएं। दीपावली से 8 दिन पहले यह व्रत आता है।
अक्टूबर 2026 पंचांग में कोई अशुभ समय है?
अक्टूबर 2026 में सावधानियां: चातुर्मास जारी है (17 जुलाई से 22 नवंबर): विवाह, गृह प्रवेश वर्जित। हर दिन का राहु काल: शुभ कार्यों में राहु काल से बचें। दीपावली से पहले 12 दिन (पंद्रह दिवसीय श्राद्ध समाप्त होने के बाद): 20 सितंबर से 20 अक्टूबर के बीच नई खरीद और उत्सव का श्रेष्ठ काल। धनतेरस के बाद: दीपावली के 5 दिन उत्सव।